संजीव भट्ट का स्मृति ईरानी पर ट्विटर वार, रोमियो को आंख परीक्षण की आवश्यकता

दिल्ली विश्व विद्यालय के चार छात्रों की गिरफ्तारी पर व्यंग्य कसते हुए संजीव भट्ट ने कहा है कि ये गरीब रोमियो सजा के लायक नहीं हैं; उन्हें मनोवैज्ञानिक परामर्श और आंख परीक्षण की आवश्यकता है!...

नई दिल्ली, 2 अप्रैल। गुजरात के चर्चित पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की गाड़ी का कथित तौर पर पीछा करने केआरोप में दिल्ली विश्व विद्यालय के चार छात्रों की गिरफ्तारी पर व्यंग्य कसते हुए कहा है कि ये गरीब रोमियो सजा के लायक नहीं हैं; उन्हें मनोवैज्ञानिक परामर्श और आंख परीक्षण की आवश्यकता है!

श्री भट्ट ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा -

स्मृति इरानी का पीछा करने के लिए चार रोमियो गिरफ्तार!

ये हारे हुए गरीब सजा के लायक नहीं हैं; उन्हें मनोवैज्ञानिक परामर्श और आंख परीक्षण की आवश्यकता है!


सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर कमेंट्स किए जा रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार विष्णु राजगढ़िया ने अपनी फेसबुक पोस्ट में कहा –

देश में कानून का राज है तो ऐसे मामलों की एकतरफा जाँच क्यों? यह भी जाँच होनी चाहिए कि मंत्री महोदया कहीं तिल का ताड़ तो नहीं बना रहीं। लाल बत्ती के अहंकार में चार छात्रों को अनावश्यक अपमानित और बदनाम करके उनमें कुंठा पैदा करना समाज के लिए नुकसानदेह ही होगा।

कौन हैं संजीव भट्ट

संजीव भट्ट गुजरात कैडर के पूर्व भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं। 2002 के गुजरात दंगों में मोदी की कथित भूमिका को लेकर गुजरात सरकार के मुख्य मंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भारत के सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामे दाखिल करने में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है। उन्होंने दावा किया था कि एक बैठक हुई थी, जिसके दौरान मोदी ने कथित तौर पर शीर्ष पुलिस अधिकारियों से हिंदुओं को मुसलमानों के खिलाफ अपना क्रोध प्रकट करने के लिए कहा था। हालांकि, भारत की सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल (SIT) ने निष्कर्ष निकाला था कि भट्ट इस बैठक में शामिल नहीं हुए और एसआईटी उनके आरोपों को खारिज कर दिया।

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।