आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के वास्तविक रिसर्च को सिनेमा के पर्दे पर उतारना काफ़ी चुनौतीपूर्ण रहा - युवराज कुमार

विस्लिंग वुड्स इंटरनेशनल के पूर्व छात्र युवराज ने कहा मैं विश्व राजनीति का एक छात्र हूं इस प्रकार जब आतंकवादी हमलों में गति बढ़ती है, तो मेरे लिए यह बहुत ही स्वाभाविक है कि मैं इसे औऱ गहराई से देखूं ,...

एजेंसी
हाइलाइट्स

अपने रिसर्च  के बारे में गहन जानकारी देते हुए युवराज ने कहा "अपने रिसर्च  के दौरान मैंने आतंकवादी राज्यों द्वारा प्रोत्साहित विभिन्न वेबसाइटों का  प्रारंभिक रूप से अनुकरण करना शुरू किया। मौलाना मसूद अज़हर जैसे कट्टरपंथियों और आतंकवादियों द्वारा दिये गए भाषणों को देखा"l युवराज ने  ऐसे पूर्व सेना के अधिकारियों से भी काफी वार्तालाप किया जिन्होंने जिहादिओं को पकड़ा था ।उन्होंने इन विषयों पर विभिन्न लोंगों से बातचीत भी शुरू की जिससे उनकी रिसर्च और पुख्ता हो जाए l 

मुंबई, 21 सितंबर 2017 (न्यूज़ हेल्पलाइन विस्लिंग वुड्स इंटरनेशनल  के पूर्व छात्र युवराज कुमार अपनी फिल्म 'आईएसआईएस -एनेमीज़ ऑफ ह्यूमैनिटी' के प्रचार में आज कल बहुत व्यस्त है हाल ही में मीडिया से हुये एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के वास्तविक रिसर्च को सिनेमा के परदे पर उतारना काफ़ी चुनौतीपूर्ण रहा, 

युवराज कुमार जो एक रक्षा पृष्ठभूमि से है, अपनी आगामी फिल्म 'आईएसआईएस -एनेमीज़ ऑफ ह्यूमैनिटी' के माध्यम से आईएसआईएस कैम्प के कमांडरों का पर्दाफाश किया है और अपनी इस फिल्म से यह बताने की कोशिश की है कि किस तरह इस आतंकवादी संगठन के कमांडर दुनिया भर से कट्टर लोगो को अपनी बातो से मिस गाइड कर उनसे हिंसक वारदातों को अंजाम देने में लगे है  

आईएसआईएस को संयुक्त राष्ट्र और अन्य विभिन्न देशों द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।

शनिवार को हुए एक इंटरव्यू में युवराज ने कहा  "मैं विश्व राजनीति का एक छात्र हूं, इस प्रकार जब आतंकवादी हमलों में गति बढ़ती है, तो मेरे लिए यह बहुत ही स्वाभाविक है कि मैं इसे औऱ गहराई से देखूं , और 21 वीं सदी के युग में इस खतरे पर अपनी  शोध के माध्यम से, मुझे आतंकवादी समूहों द्वारा प्रचलित विचारधाराओं के बारे में गहन ज्ञान प्राप्त हुआ।

आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के वास्तविक रिसर्च को सिनेमा के परदे पर उतारना किसी चुनौती से कम नहीं था । एक ऐसी फिल्म बनाना जो न की सिर्फ दर्शक को बांधे रखे बल्कि उनका  मनोरंजन भी 

करे और साथ ही साथ  आतंकवादी विचारधारा को चुनौती भी दे सके l " 

अपनी बात को समझाते हुए युवराज ने कहा ," सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बजाय किसी का पक्षपात किये, जिन कारणों से उन्होंने ऐसा किया उस बारे में एक नजरिया लोगों के सामने रखना  ।  

अपने रिसर्च  के बारे में गहन जानकारी देते हुए युवराज ने कहा "अपने रिसर्च  के दौरान मैंने आतंकवादी राज्यों द्वारा प्रोत्साहित विभिन्न वेबसाइटों का  प्रारंभिक रूप से अनुकरण करना शुरू किया। मौलाना मसूद अज़हर जैसे कट्टरपंथियों और आतंकवादियों द्वारा दिये गए भाषणों को देखा"l युवराज ने  ऐसे पूर्व सेना के अधिकारियों से भी काफी वार्तालाप किया जिन्होंने जिहादिओं को पकड़ा था ।उन्होंने इन विषयों पर विभिन्न लोंगों से बातचीत भी शुरू की जिससे उनकी रिसर्च और पुख्ता हो जाए l 

"इस दौरान मेरी दुबई के टैक्सी ड्राइवर से काफी लंबी बातचीत हुई और अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के ड्राइवरों से पता चला कि उनके कुछ रिश्तेदार जिहादी समूह का हिस्सा थे", युवराज ने बताया l 

इस फिल्म की पृष्ठभूमि आईएसआईएस के कामकाज के बारे में बताती है जो कि एक आतंकवादी समूह है जो पूरे विश्व में तबाही मचा रहा है। यह आईएसआईएस कैंप के कमांडरों को प्रदर्शित करता है, जो युवाओं को हिंसक कृत्यों के लिए प्रेरित करता है।  इस फ़िल्म ने इस्लाम का सही रूप समझाने की कोशिश की है जिसे दुनिया के सामाजिक-विरोधी तत्वों द्वारा गलत तरीके से पेश किया जाता है 

फिल्म का ट्रैलर देखने के लिये इस लिंक पर देखें -  https://youtu.be/Y1unBg2xaIU

फिल्म में राहुल देव, रशीद नाज, युवराज कुमार और हरीश भिमानी शामिल हैं। युवराज कुमार द्धारा निर्देशित और अटलांटिक फ़िल्म्स के बैनर तले बनी यह फ़िल्म 29 सितंबर, 2017 को पुरे भारत में एक साथ रिलीज़ होने जा रही है।

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