किन्नरों की जीवनी पर आधारित है  फिल्म 'रक्तधार': निर्माता धनंजय पाटिल 

यह फिल्म  ऐसे मुद्दे पर आधारित है,  जिसके बारे में कोई बात नहीं करता है, हमारे समाज में चुनौतीपूर्ण चेहरे को इस फिल्म के माध्यम से आगे रखा गया  है। ...

एजेंसी
हाइलाइट्स

"इस फिल्म में किन्नरों के जीवन में होने वाली परेशानियों के बारे में दिखाया गया है। उन्हें हर दिन किस तरह के अपमान का सामना करना पड़ता है, लोग उनका मजाक बनाते हैं।इस कहानी में  शक्ति कपूर के किन्नर  मित्र  का बलात्कार किया जाता है और उसे मौत के मुँह में छोड़ दिया जाता है। 

News Helpline, 9th Sept, 2017.

निर्माता धनंजय पाटिल, निर्देशक अजित वर्मा के साथ फिल्म के कलाकार मुकेश ऋषि, शाहबाज़ खान, एहसान खान, दीपशिखा नागपाल, मनीष खन्ना और अर्चिता बनर्जी, फ़िल्मके ट्रेलर लांच में मौजूद रहे।  मिडिया से बात करते हुए निर्माता ने बताया "किन्नरों की जीवनी पर आधारित है  फिल्म 'रक्तधार"

"इस फिल्म में किन्नरों के जीवन में होने वाली परेशानियों के बारे में दिखाया गया है। उन्हें हर दिन किस तरह के अपमान का सामना करना पड़ता है, लोग उनका मजाक बनाते हैं।इस कहानी में  शक्ति कपूर के किन्नर  मित्र  का बलात्कार किया जाता है और उसे मौत के मुँह में छोड़ दिया जाता है। 

फिल्म में बताया गया  है कि जब एक ट्रांसजेन्डर को अस्पताल जाना पड़ता है या फिर जब वह मर जाते हैं तब क्या होता है। जब उन्हें न्याय प्राप्त नहीं होता तब शक्ति इस मामले को अपने हाथ में लेते हैं और राजनीति में जाते हैं। इस फिल्म में एक्शन और क्लाइमेक्स दोनों भी दिखाया गया है : निर्माता 

"शक्ति जी, ने शानदार काम किया है।  उन्होंने कभी भी इस  तरह का किरदार किसी भी फिल्म में नहीं किया है। फिल्म का मुख्य आधार उनके दोस्त की मृत्यु के बारे में है और अधिकारियों द्वारा उन्हें दिया गया भयानक व्यवहार है। "

चित्रा वाघ, राजनीतिज्ञ और 'महिला विंग' की अध्यक्ष  इस फिल्म का समर्थन करने के लिए इस कार्यक्रम में उपस्थित थी और इस समुदाय के होते अत्याचार के लिए उन्होंने  दुःख जताया  'उनके पास सरकार द्वारा लिखित कानून हैं, लेकिन वास्तव में उनके लिए कुछ भी नहीं हो रहा है। '

"यह फिल्म  ऐसे मुद्दे पर आधारित है,  जिसके बारे में कोई बात नहीं करता है, हमारे समाज में चुनौतीपूर्ण चेहरे को इस फिल्म के माध्यम से आगे रखा गया  है। आज भी आधुनिक दुनिया में, हमारे देश में वे इतनी सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं । वे हमारे समाज का एक हिस्सा हैं और उनके जीवन को शांतिपूर्वक रहने का अधिकार है"

अजित वर्मा ने इस फिल्म में निर्देशन किया गया है, धनंजय धवन पाटिल और राजन गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित। 

बैनर चित्रा फिल्म्स के तहत और 6 अक्तूबर, 2017 से सिनेमा घरो में रिलीज़ हो रही है।

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