खूबसूरत लोग ही खूबसूरत होते हैं : कपूर खानदान के एसेट थे शशि कपूर...

चेहरे पे कोई भी ठगी नहीं, कोई aggression नहीं, अभिनय में एक बिंदास मस्ती कि कोई से कम्पटीशन नहीं, उदास हो तो सच में उदासी छा जाए, हंसे तो जैसे कायनात अपना सब कुछ गंवाकर भी रश्मियां बिखेरती हो...

अतिथि लेखक

आलोक वाजपेयी

शशि कपूर साहेब।

मुझे फिल्मों में कोई विशेज्ञता नहीं और न ही ज्यादा पता ही। पर फिर भी मन हुआ कि शशि कपूर साहेब पर लिखूं तो यह व्यक्तिगत गपशप ही मानी जाए।

सबसे पहले तो मुझे खानदानी लोग और वो जो अपने परिवार की इज्जत को ध्यान में रखकर चलते हैं, जल्दी पसंद आ जाते हैं। कुछ लोग बड़े परिवार में asset होते हैं और कुछ लोग लायबिलिटी होते हैं। दोनों में अंतर है। तो शशि कपूर कपूर खानदान के एसेट थे।

ठीक ठाक मध्यवर्गीय परिवार का रहा तो उस जमाने मे फिल्मे खूब देखी जाती थीं। डैडी फिल्मो के बड़े शौकीन तो हम सब बच्चे खूब देखते ही थे। लेकिन शशि कपूर को लेकर बचपन मे कोई क्रेज आया हो याद नही। ढिशुम ढिशुम फिल्में ही पसंद आती थीं। उसमे शशि कपूर कहां फिट होते।

खैर,शशि कपूर मेरे सोचने समझने महसूस करने के दायरे में दो वजह से आये।

एक तो, कौन बनेगा करोड़पति को जब शाहरुख खान होस्ट कर रहे थे तो एक वाकया। मैं srk का प्रशंसक हूँ और उन्हें शुरू से फॉलो कर रहा हूँ। एक बार शो में एक महिला आईं जो srk को शायद पसन्द नही करती थीं। उन्होंने उसे बहुत कड़वे तरीके से जवाब दिए। उन महिला ने कहा कि आपमें कुछ भी ओरिजिनल नहीं है, आप दिलीप कुमार का डायलाग डिलीवरी का अंदाज कॉपी करते हो और शशि कपूर की तरह flamboyant बनते हो। तो मेरा ध्यान शशि कपूर पे गया कि देखूं ये बन्दा क्या है।

दूसरे, एक बार बड़ी बेटी ने कहा कि यार मेरा पहला पहला crush तो शशि कपूर ही हैं, छोटी बेटी को भी शशि कपूर बहुत अच्छे लगते हैं। तो लगा कि यार जो आदमी अभी भी इस नकचढ़ी new generation को attract कर रहा है उसमें सच मे कोई बात होगी।

तो उनके गाने और कुछ फिल्में देखीं। उनके जैसा pure innocence और nonviolent face व एक्सप्रेशन शायद किसी के पास नहीं हो। चेहरे पे कोई भी ठगी नहीं, कोई aggression नहीं, अभिनय में एक बिंदास मस्ती कि कोई से कम्पटीशन नहीं, उदास हो तो सच में उदासी छा जाए, हंसे तो जैसे कायनात अपना सब कुछ गंवाकर भी रश्मियां बिखेरती हो, रोमांस की एक थिरकन अबूझ तरंग बन के जिस्म के चारों ओर एक acute love space निर्मित किये हो, एक मर्दाना हुस्न जो कि किसी को भी बिना डराए धमकाए दिली रिश्ता कायम कर ले, इतना ज्यादा निस्वार्थ कि उसकी कोई इबारत ही न बन सके।

बताते हैं वो उतने ही बेहतरीन इंसान भी थे।

खूबसूरत लोग ही खूबसूरत होते हैं।

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