एअर इंडिया जैसे सरकारी उपक्रमों को बेचकर लाएंगे अच्छे दिन, मगर आएंगे नहीं

एअर इंडिया को कौड़ियों के दाम बेचकर अच्छे दिन लाने की कोशिश कर रहे हैं, मगर मोदी सरकार की नीयत और नीति साफ नहीं है, इसलिए भारत की जनता के कभी अच्छे दिन सत्ताधारियों की बदौलत नहीं आ सकते।...

नई दिल्ली। प्रदेश नेशनल पैंथर्स पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव जौली खोसला ने मोदी सरकार की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए कहा है कि सत्ता में आने से पहले हर भारतीय के एकाउंट में 15-15 लाख रुपये आने का जुमला पेश किया था और अब एअर इंडिया को कौड़ियों के दाम बेचकर अच्छे दिन लाने की कोशिश कर रहे हैं, मगर मोदी सरकार की नीयत और नीति साफ नहीं है, इसलिए भारत की जनता के कभी अच्छे दिन सत्ताधारियों की बदौलत नहीं आ सकते।

श्री खोसला ने एक बयान में कहा अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के वक्त भी भारत के फाइव स्टार होटलों को कौड़ियों के दाम बेच दिया था, वे होटल आज चौगुनी तरक्की पर हैं, ऐसा ही एअर इंडिया के साथ होगा, निजीकरण होते ही यह भी चौगुनी तरक्की कर लेगी।

उन्होंने कहा कि देश में एअर इंडिया के पास 140 विमानों का सबसे बड़ा बेड़ा है, यह करीब 41 अन्तर्राष्ट्रीय और 72 घरेलू मार्गों में अपनी सेवाएं देती है। दुर्भाग्य की बात यह है कि इतना बड़ा बेड़ा होने के बावजूद घाटे में चल रही है, जबकि घरेलू मार्गों पर स्पाइस जेट, इंडिगो एअरलाइन्सों से ज्यादा किराया एअर इंडिया का है, मगर फिर भी घाटे में चल रही है, क्योंकि सरकारी मशीनरी दुरुपयोग करने वाले बहुत हैं।

पैंथर्स नेता ने कहा कि पुरानी कहावत है कि जब बाड़ ही खेत हो खाएगी तो खेत का कया बचेगा। यह कहावत एअर इंडिया पर सत्य हो रही है।

पैंथर्स पार्टी ने मांग की है कि 60 दिनों के लिए एअर इंडिया का कार्यभार हमारे ऊपर छोड़ दें, फिर देखों कैसे एअर इंडिया के जहाज रनवे पर दिन दुगनी और रात चौगनी तरक्की करेंगे। 

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