बिजली के निजीकरण के खिलाफ विधानसभा के सामने ऊजा मंत्री का पुतला फूंका

प्रदेश सरकार ने विद्युत वितरण व्यवस्था को बदलते हुए गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ, मुरादाबाद और लखनऊ में बिजली को निजी हाथों में सौंपने का फैसला लिया है।...

लखनऊ, 17 मार्च। बिजली के निजीकरण के खिलाफ भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने विधानसभा के सामने ऊर्जा मंत्री का पुतला फूंका। प्रदेश सरकार ने विद्युत वितरण व्यवस्था को बदलते हुए गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ, मुरादाबाद और लखनऊ में बिजली को निजी हाथों में सौंपने का फैसला लिया है।

भारत के कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला सचिव प्रदीप शर्मा ने बताया कि इस बदली व्यवस्था के चलते विद्युत विभाग के बहुत से कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। जो भी कर्मचारी संविदा पर कार्य कर रहे हैं सबसे उनकी नौकरी छिन जाएगी। बिजली के दामों में अत्यधिक बढ़ोत्तरी हो जाएगी जिसका बोझ आम जनता, मजदूर व किसान सभी पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आज का प्रदर्शन एक बड़े आन्दोलन का विकसित करने से पहले का विरोध है। प्रदर्शन के बाद एक हफ्ते के अन्दर तमाम मजदूर संगठन, जनसंगठन, किसान संगठन व उपभोक्ताओं को मिलाकर एक कन्वेंशन किया जाएगा जिसके माध्यम से पांचों जिलों में एक साथ आन्दोलन की बड़ी रणनीति तैयार की जाएगी।

प्रदर्शन में एसएफआई के जिला अध्यक्ष अनुपम, एडवा की प्रदेश अध्यक्ष मधु गर्ग, माकपा जिला कमेटी सदस्य सुमन सिंह, एडवा की जिला सचिव सीमा राना, कलम से राजकुमार सैनी, यूपीएमएसआरए से अरूण सिंह, अंजू रावत, छोटेलाल, पंकज व अन्य कई लोग शामिल थे।

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