रेलवे के निजीकरण के विरोध में सोशलिस्ट पार्टी का 'भारतीय रेल बचाओ' धरना    

हाइलाइट्स

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रेलवे के निजीकरण के विरोध में सोशलिस्ट पार्टी का 'भारतीय रेल बचाओ' धरना     

      नई दिल्ली। सोशलिस्ट पार्टी ने रेलवे को बेचने के सरकार के फैसले के खिलाफ पूरे देश में जागरूकता अभियान चलाया है. इस अभियान की शुरुआत 22 जून 2017 को दिल्ली में मंडी हाउस से जंतर-मंतर तक 'भारतीय रेल बचाओ' मार्च का आयोजन करके की गई. उसी कड़ी में 2 अक्टूबर 2017 को दिल्ली के जंतर मंतर पर दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक 'भारतीय रेल बचाओ' धरना आयोजित किया गया.

      इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर ने कहा कि सोशलिस्ट पार्टी संविधान के मूलभूत सिद्धांतों और आज़ादी के मूल्यों को स्थापित करने का संघर्ष कर रही है. भारत के संविधान के मुताबिक पब्लिक सेक्टर को मज़बूत बनाना सरकार की ज़िम्मेदारी है. लेकिन सरकार पब्लिक सेक्टर की सबसे बड़ी इकाई रेलवे को प्राइवेट सेक्टर में धकेल रही है. यह संविधान और भारत की जनता के साथ धोखा है. सोशलिस्ट पार्टी रेलवे का निजीकरण रोकने का जो अभियान चलाया है मेरा उसे पूरा समर्थन है. मैं उम्मीद करता हूँ कि राष्ट्रपति महोदय रेलवे का निजीकरण करने की दिशा में लिए जा रहे फैसलों को वापस लेने के लिए सरकार को कहेंगे.

      धरने को वरिष्ठ समाजवादी नेता अरुण श्रीवास्तव, श्याम गंभीर, चंद्र शेखर आज़ाद, अमर सिंह अमर, पुरुषोत्तम, एडवोकेट शौक़त मलिक, दिल्ली विश्वविद्यालय अकेडमिक कौंसिल के सदस्य डॉ. शशि शेखर सिंह, सोशलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह, उपाध्यक्ष रेणु गंभीर, महासचिव मंजू मोहन, संगठन मंत्री फैज़ल खान, सोशलिस्ट पार्टी दिल्ली प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष सैयद तहसीन अहमद, सचिव शाहबाज़ मलिक, सोशलिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश के संयोजक चरण सिंह राजपूत, सोशलिस्ट युवजन सभा (एसवाईएस) के अध्यक्ष नीरज कुमार, महासचिव बन्दना पाण्डेय, एसवाईएस दिल्ली प्रदेश के सचिव राम नरेश,  ने संबोधित किया.

      बड़ी संख्या में सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता, लेखक-पत्रकार-बुद्धिजीवी और छात्र धरने में शामिल हुए. धरने की समाप्ति पर राष्ट्रपति को रेलवे का निजीकरण रोकने की प्रार्थना के साथ ज्ञापन दिया गया.

कार्यक्रम का सञ्चालन डॉ. हिरण्य हिमकर ने किया.

 

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