मोदी पर यशवंत सिंहा का पलटवार - मैं शल्य नहीं भीष्म पितामह हूँ, नहीं होने दूंगा अर्थव्यवस्था का चीरहरण

बिगड़ती अर्थव्यवस्था गिरती जीडीपी पर भाजपा में महाभारत, भीष्म पितामह ने शर-शैय्या से चलाए शब्दबाण...

हाइलाइट्स

प्रधानमंत्री मोदी की सफाई पर भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि अगर अर्थव्यवस्था का चीरहरण होगा तो मैं चुप नहीं बैठुंगा। मैं शल्य नहीं भीष्म हूं। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक तिमाही में विकास दर नहीं गिरी।

 

बिगड़ती अर्थव्यवस्था गिरती जीडीपी पर भाजपा में महाभारत, भीष्म पितामह ने चलाए शब्दबाण

नई दिल्ली। देश में गिरती जीडीपी को लेकर घमासान मचा हुआ है। विपक्ष के साथ ही भाजपा नेताओं के एक के बाद के वार का जवाब देने के लिए खुद प्रधानमंत्री को मैदान में आना पड़ा। लेकिन प्रधानमंत्री की सफाई पर एक बार फिर पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने पलटवार करते हुए कहा कि मैं भीष्म हूं, अर्थव्यवस्था का चीरहरण नहीं होने दूंगा।

अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर हमलावर रहे यशवंत सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर प्रतिक्रिया दी है।

प्रधानमंत्री मोदी की सफाई पर भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि अगर अर्थव्यवस्था का चीरहरण होगा तो मैं चुप नहीं बैठुंगा। मैं शल्य नहीं भीष्म हूं। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक तिमाही में विकास दर नहीं गिरी।

दरअसल, एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाने वालों को निराशावादी कहा था। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी ने महाभारत का जिक्र करते हुए निराशा फैलाने वालों की तुलना शल्य से की थी।

वहीं प्रधानमंत्री के पहले की सरकारों के आकड़े पेश करने पर हमला करते हुए सिन्हा ने कहा कि मुझे खुशी है कि अर्थव्यवस्था पर चर्चा हो रही है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री ने जो आंकड़े दिए, उस पर मुझे यही कहना है कि आंकड़ों का खेल खतरनाक होता है। 6 तिमाही से विकास दर नीचे आ रहा है। 2019 में चुनाव में जाएंगे तो लोग ये नहीं पूछेंगे कि UPA की तुलना में कैसा काम किया? लोग पूछेगे कि जो वादे किए थे वो पूरे हुए या नहीं।'

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने प्रधानमंत्री के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने यूपीए सरकार की खामियां गिनाई थीं। यशवंत सिन्हा ने कहा कि यूपीए और एनडीए सरकार की तुलना करने का कोई तुक नहीं है।

उन्होंने कहा कि जनता ने यूपीए सरकार को आम चुनाव में नकार दिया और एनडीए को मौका दिया। आने वाले चुनाव में यही जनता सरकार के काम के आधार पर ही फैसले लेगी।

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