योगी सरकार कर रही सुप्रीम कोर्ट की अवमानना, ,बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के लिए रोका है मांस व्यवसाय

“योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना कर रही है और बहुराष्ट्रीय कम्पनियों व कारपोरेट घरानों के लिए प्रदेश के खुदरा मांस व्यवसाय पर प्रतिबंध लगाकर लोगों को बेरोजगार कर रही है।“...

हाइलाइट्स

यह हिन्दू और मुसलमानों का सवाल नहीं है क्योंकि जो कानून मांस व्यापार के लिए है वहीं दुग्ध व्यवसाय के लिए भी है और कल सरकार दुग्ध और उससे बनने वाले दही, पनीर, मिठाईयों जैसे उत्पादों में लगे व्यवसायियों को भी उनके व्यवसाय से बेदखल करने की दिशा में बढ़ेगी।

योगी सरकार कर रही सुप्रीम कोर्ट की अवमानना, ,बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के लिए रोका है मांस व्यवसाय

अनपरा, सोनभद्र, 08 अक्टूबर। “योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना कर रही है और बहुराष्ट्रीय कम्पनियों व कारपोरेट घरानों के लिए प्रदेश के खुदरा मांस व्यवसाय पर प्रतिबंध लगाकर लोगों को बेरोजगार कर रही है।“

यह बातें आज अनपरा में मांस व्यवसाय में लगे लोगों से मिलने के बाद स्वराज अभियान के नेता व ठेका मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र पाल ने प्रेस को जारी अपनी विज्ञप्ति में कहीं। आज स्वराज अभियान की टीम ने अनपरा बाजार, काशी मोड़, औड़ी मोड़, गेट नम्बर 2 के सामने मांस का व्यवसाय कर रहे व्यापारियों से मुलाकात कर सरकार द्वारा मांस व्यवसाय की बंदी से पैदा हो रहे संकटों के बारे में जाना।

टीम का नेतृत्व कर रहे सुरेन्द्र पाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने आदेश में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार को यह कहने के बावजूद कि आप किसी के खाने के अधिकार पर रोक नहीं लगा सकते और यह संविधान के जीने के अधिकार का उल्लंधन है, योगी सरकार और उसके जिला प्रशासन द्वारा लगाया गया प्रतिबंध सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी सरकार को तत्काल लाइसेंस जारी कर व्यवसाय शुरू रखने को कहा बावजूद इसके सरकार यह करने को तैयार नहीं है।

उन्होंने कहा दरअसल मोदी और योगी की सरकारें बहुराष्ट्रीय कम्पनियों और कारपोरेट घरानों के हितों के लिए यह प्रतिबंध लगा रही हैं। देश में बनाएं नए खाद्य सुरक्षा कानून के प्रावधानों के जरिए मीट का सम्पूर्ण व्यवसाय इन्हीं ताकतों के हाथों में चला जायेगा। बड़े सालटर हाउस, एसी दुकानों के जरिए व्यवसाय, पैकबंद मांस जैसे प्रावधानों को पूरा करना छोटे मझोले व्यापारी के लिए सम्भव नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकार की इस नीति से न सिर्फ इस व्यवसाय में लगे लोगों के सामने बेरोजगारी का संकट पैदा हो गया है बल्कि पशुपालन के जरिए अपनी आजीविका चला रहे ग्रामीणों के सामने भी इसने बड़ा आर्थिक संकट पैदा किया है।

श्री पाल ने जनता को सचेत करते हुए कहा कि यह हिन्दू और मुसलमानों का सवाल नहीं है क्योंकि जो कानून मांस व्यापार के लिए है वहीं दुग्ध व्यवसाय के लिए भी है और कल सरकार दुग्ध और उससे बनने वाले दही, पनीर, मिठाईयों जैसे उत्पादों में लगे व्यवसायियों को भी उनके व्यवसाय से बेदखल करने की दिशा में बढ़ेगी।

टीम ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि स्वराज अभियान इस संकट में उन्हें न्यायालय से लेकर सड़क तक के उनके आंदोलन में हर सम्भव मदद देगा। टीम में मुन्ना मलिक, केदार सिंह, तेजधारी गुप्ता, अनवर अली, अजमल खां, तौफीक, इलहाक खान, छोटू, जावेद, मुख्तार, मुकीम, पप्पू, सरफराज, मुश्ताक अहमद आदि लोग रहें।

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