कैग रिपोर्ट : पिछले 15 सालों में एक लाख करोड़ स्वाहा

कैग की रिपोर्ट ने भाजपा सरकार के न केवल आर्थिक कुप्रबंधन को उजागर किया है, बल्कि कथित विकास के दावों की पोल भी खोलकर रख दी है...

कैग रिपोर्ट : पिछले 15 सालों में एक लाख करोड़ स्वाहा

रायपुर, 13 सितंबर। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि कैग की रिपोर्ट ने भाजपा सरकार के न केवल आर्थिक कुप्रबंधन को उजागर किया है, बल्कि कथित विकास के दावों की पोल भी खोलकर रख दी है. कैग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य की सकल घरेलू उत्पाद की दर 6.4% ही रह गई है, जो 14वें वित्त आयोग के आकलन के आधे से भी कम है.

आज यहां जारी एक बयान में माकपा राज्य सचिवमंडल ने रेखांकित किया है कि सभी सरकारी विभागों में, सड़क से लेकर सिंचाई और आवास से लेकर पेयजल तक सभी जन कल्याणकारी योजनाओं में जिस प्रकार की अनियमितताओं और गड़बड़ियों को रेखांकित किया है, वह आम जनता के धन का खुल्लमखुल्ला दुरूपयोग है और यह भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है.

माकपा राज्य सचिव संजय पराते ने कहा है कि भाजपा राज में पेश कैग रिपोर्टों का अध्ययन किया जाएं, तो यह तथ्य सामने आता है कि पिछले 15 सालों में बजटीय आबंटन के एक लाख करोड़ रूपये भ्रष्टाचार के हवन कुंड में स्वाहा हो गए हैं. लेकिन इसके लिए आज तक किसी भी जिम्मेदार मंत्री-अधिकारी-ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई. यह सरकार और प्रशासन को चलाने में भाजपा की अक्षमता को ही दिखाता है, जो 'जीरो टॉलरेंस' का जाप करते रहती है.

माकपा ने आरोप लगाया है कि एक ओर आम जनता बुनियादी मानवीय सुविधाओं से वंचित हैं, वहीँ दूसरी ओर उनके विकास के नाम पर बने गई योजनाओं में सुनियोजित रूप से सेंधमारी की जा रही है.

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