क्या वेंटिलेटर से भी सेप्सिस/ सेप्टिसीमिया फैलने का खतरा रहता है ?

एक लेख के मुताबिक हालिया कुछ साक्ष्य सामने आए हैं जो बताते हैं कि सेप्सिस में प्रतिक्रिया तंत्र प्रारंभिक संक्रमण के प्रकार के अनुसार sporadic है।...

क्या वेंटिलेटर से भी सेप्सिस/ सेप्टिसीमिया फैलने का खतरा रहता है ?

Can ventilator cause septicemia

नई दिल्ली, 18सितंबर। अमेरिका के जैव प्रौद्योगिकी सूचना के लिए राष्ट्रीय केंद्र (National Center for Biotechnology Information,) की यू.एस. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (U.S. National Library of Medicine) पर Eirini Christaki के लेख Host immune response in sepsis due to ventilator-associated pneumonia: how is it different? में बताया गया है कि वेंटिलेटर से भी सेप्सिस फैलने का खतरा हो सकता है।

लेख में कहा गया है कि हालिया कुछ साक्ष्य सामने आए हैं जो बताते हैं कि सेप्सिस में प्रतिक्रिया तंत्र प्रारंभिक संक्रमण के प्रकार के अनुसार sporadic है।

यह संभव है कि cell populations में परिवर्तन, प्रभावक अणुओं में भिन्नताएं, और एपोप्टोसिस की डिग्री वेंटिलेटर से जुड़े निमोनिया (वीएपी) और गैर-वीएपी सेप्सिस के कारण सेप्सिस के बीच भिन्न हो।

वैप (VAP) गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में  होने वाला सबसे आम संक्रमण और सेप्सिस के प्रमुख कारणों में से एक है, और इसके कारण मृत्यु दर उच्च बनी हुई है।

वेंटिलेटर-संबंधित निमोनिया (वीएपी) आमतौर पर यांत्रिक रूप से वेंटिलेटर पर रोगियों में विकसित होता है और आईसीयू मेंविकृति और मृत्यु दर का एक प्रमुख कारण है।

क्रिटिकल केयर, में इस मुद्दे पर प्रकाशित एक अध्ययन में पेलेकानू और उनके सहयोगियों ने 36 वैप सेप्टिक रोगियों और 32 अन्य सेप्सिस रोगियों जिनमें संक्रमण क्रिटिकल केयर, पेलेकानू और सहयोगियों के इस मुद्दे में प्रकाशित एक अध्ययन में [1] ने वीएपी के साथ 36 सेप्टिक रोगियों में सहज और अनुकूली प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं में मतभेदों की जांच की और अन्य संक्रमणों के कारण सेप्सिस के साथ 32 रोगियों, जैसे कि पायलोनफ्राइटिस, बैक्टरेरिया, इंट्रा-पेटी संक्रमण, और समुदाय- और अस्पताल से प्राप्त निमोनिया के कारण था, में अनुकूली प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं में अंतर की जांच की।

अन्य जीवाणु संक्रमण वाले लोगों की तुलना में वीएपी संक्रमण वाले मरीजों में अधिक स्पष्ट इम्यूनोपार्लिसिस ( immunoparalysis) का सबूत था।

द यूके सेप्सिस ट्रस्ट के मुताबिक सेप्सिस (रक्त विषाक्तता के रूप में भी जाना जाता है) एक संक्रमण या चोट के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली की अतिसंवेदनशीलता है। आम तौर पर हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) संक्रमण (Infection) से लड़ती है, लेकिन कभी-कभी, कई ऐसे कारणों से जो अभी भी समझे नहीं जा सके हैं, ये हमारे शरीर के ऊतकों और अंगों पर आक्रमण करती है। यदि इसका तुरंत इलाज न कराया जाए तो सेप्सिस के कारण अंग काम करना बंद कर सकते हैं और मृत्यु भी हो सकती है। लेकिन समय रहते इसके पहचान होने पर एंटीबायोटिक्स से इसका इलाज संभव है।

सेप्सिस के लक्षण 

द यूके सेप्सिस ट्रस्ट के मुताबिक सेप्सिस प्रारंभ में फ्लू, गैस्ट्रोएंटेरिटिस या छाती के संक्रमण की तरह दिख सकता है। इसका कोई भी एक संकेत नहीं है, और वयस्कों और बच्चों के में इसके अलग-अलग लक्षण पाए जाते हैं।

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(नोट – यह समाचार चिकित्सकीय परामर्श नहीं है, यह आम जनता में जागरुकता के उद्देश्य से किए गए अध्ययन का सार है। आप इसके आधार पर कोई निर्णय न लें, चिकित्सक से परामर्श करें।)

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