सीमेंट उद्योग ने वर्ष 2050 तक 45 फीसदी कार्बन उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य रखा

सीमेंट उद्योग ने वर्ष 2050 तक 45 फीसदी कार्बन उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य रखा...

एजेंसी
सीमेंट उद्योग ने वर्ष 2050 तक 45 फीसदी कार्बन उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य रखा

Cement industry targets 45% carbon emissions reduction by 2050

नई दिल्ली। सीएमए के अध्यक्ष और जेके लक्ष्मी सीमेंट के पूर्णकालिक निदेशक डॉ. शैलेंद्र चौकसे ने कहा कि भारतीय सीमेंट उद्योग की गिनती आज दुनिया में पर्यावरण की दृष्टि से सर्वाधिक अनुकूल सीमेंट उद्योगों में होती है और इसे निजी व सार्वजनिक साझेदारी से अधिक समावेशी बनाने की आवश्यकता है।

चौकसे यहां सीएमए द्वारा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से आयोजित पहले राष्ट्रीय कंक्रीटेक-2018 सम्मेलन के मौके पर संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, "दुनिया के सबसे बड़े सीमेंट उद्योग व उत्पादन क्षमता वाले देशों में भारत दूसरे नंबर पर आता है। यहां 250 बड़े सीमेंट प्लांट हैं और सालाना उत्पादन क्षमता करीब 50 करोड़ टन है, जोकि वैश्विक उत्पादन क्षमता का 8 फीसद से अधिक है। "

उन्होंने कहा,

"हम निजी सार्वजनिक साझेदारी की ऐसी व्यवस्था बनाना चाहते हैं जो पर्यावरण के अनुकूल, समावेशी और देश के विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में सहायक हो।"

सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (सीएमए) का कहना है कि देश के सीमेंट उद्योग का लक्ष्य वर्ष 2050 तक कुल 50 अरब डॉलर के निवेश के साथ कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन में 45 फीसदी की कटौती करना है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से सीएमए द्वारा यहां आयोजित पहले राष्ट्रीय कंक्रीटेक-2018 सम्मेलन के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत में संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय सीमेंट उद्योग पर्यावरण के लिए अनुकूल मानकों का पालन कर रहा है जिससे कार्बन उत्सर्जन में कटौती का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

इस मौके पर सीएमए के वाइस प्रेसीडेंट और डालमिया सीमेंट्स के प्रबंध निदेशक महेंद्र सिंघी ने कहा,

"नई प्रौद्योगिकी, नवीनतम गुणवत्तापूर्ण विनिर्माण प्रक्रियाएं, ऊर्जा बचत, निम्न कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरण अनुकूल लक्ष्य के साथ देश का सीमेंट उद्योग सतत प्रतिस्पर्धा कर रहा है। भारतीय सीमेंट उद्योग की 50 फीसद क्षमता पिछले 10 साल से कम समय में जुड़ी है।

उन्होंने कहा,

"हम फ्लाईएश के सबसे बड़े उपभोक्ता हैं और स्टील कारखानों से निकलने वाले स्लैग की 100 फीसदी खपत करते हैं। सुचारू निवेश और कचरा प्रबंधन योजनाओं के बिजनेस मॉडल के जरिये हम इसमें और अधिक योगदान करना चाहते हैं।"

उन्होंने आगे कहा,

"2050 तक कुल 50 अरब डॉलर के निवेश के साथ सीमेंट उद्योग कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन में 45 फीसद की कमी का लक्ष्य लेकर चल रहा है।"

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