‘आप’ के चंदा वसूली के खिलाफ अन्ना से मिला चंदा बंद सत्याग्रह

 

9 फरवरी, 2017,

डॉ. मुनीश रायज़ादा की अगुवाई में चंदा बंद सत्याग्रह का एक प्रतिनिधि मंडल कल अन्ना हज़ारे से भेंट करने उनके पैतृक गाँव रालेगढ़ सिद्धि पहुंचा।

इस यात्रा का उद्देश्य श्री अन्ना हज़ारे को सत्याग्रह की प्रगति के बारे में उनको अवगत कराना था।

चंदा बंद सत्याग्रह की विज्ञप्ति में बतायागयाहै कि टीम ने अन्ना को बताया कि 'सत्याग्रह अभियान' को जनता की तरफ से भारी तादाद में प्रतिक्रिया मिल रही है। अब तक 40000  से ज़्यादा लोगों ने आम आदमी पार्टी को चंदा न देने की प्रतिज्ञा ली है, जब तक कि पार्टी अपनी राजनैतिक फंडिंग को सार्वजनिक नहीं कर देती।

टीम ने यह भी बताया कि 'आप' के द्वारा की गयी घोषण के बावजूद, पार्टी का चंदा चोर गैंग उसकी दानकर्ता सूची को सार्वजनिक न करने के हट पर अड़ा हुआ है। हाल में पंजाब में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने ऐसे 21 उम्मीदवारों को चुनाव में खड़ा किया था जो आपराधिक पृष्ठभूमि से आने के साथ बलात्कार, अपहरण, हत्या, एवं डकैती जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त हैं।

अन्ना को उस श्री रायज़ादा द्वारा निर्वाचन आयोग को लिखे गए उस खत के बारे में भी सूचित किया गया, जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी के राजनैतिक खातों में चल रही विसंगतियों के बारे में निर्वाचन आयोग को संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।

 सत्याग्रहियों ने अन्ना का ध्यान, आदमी पार्टी के राजनैतिक धन के खिलाफ हाल ही में पेश करी गयी आयकर विभाग की रिपोर्ट पर केंद्रित करा। इस रिपोर्ट ने खुलासा किया था कि आम आदमी पार्टी द्वारा जमा किये गए पब्लिक फण्ड में से 27 करोड़ की हेरा-फेरी करी गयी है। आयकर विभाग ने निर्वाचन आयोग से अनुरोध भी किया है कि वो 'आप' की सदस्यता को रद्द कर दे।

इसपर अन्ना ने चंदा बंद सत्याग्रह को सुझाव दिया है कि वो जनता को आम आदमी पार्टी के खिलाफ आयकर विभाग की रिपोर्ट से जागरूक करें तथा उनसे अपील भी करें कि सभी निर्वाचन आयोग को पत्र लिखें और आयकर विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आम आदमी पार्टी पर कार्यवाही करने का अनुरोध करें।

विज्ञप्ति में बतायागयाहै कि नो लिस्ट: नो डोनेशन अभियान की शुरुआत मुनीश रायज़ादा द्वारा अन्ना के समर्थन और आशीर्वाद के साथ 24 दिसम्बर 2016 को हुई थी। आम आदमी पार्टी अपने दो मुख्य वादों के साथ राजनीति में आयी थी। पहला राजनैतिक दान में पारदर्शिता, और दूसरा भ्रष्ट एवं अपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को पार्टी से दूर रखने का। पर अब पार्टी अपने वादों से विपरीत आचरण कर रही है। पार्टी ने अपने विचारों और वादों को स्वाहा करते हुए भ्रष्ट राजनीति के पदचिन्हों पर अपने कदम आगे बढ़ाती जा रही है।

‘चंदा बंद सत्याग्रह के संयोजक’ डॉ मुनीश रायज़ादा ने कहा कि चंदा बंद सत्याग्रह अभियान आम आदमी पार्टी में नैतिकता और मूल्यों की फिर से बहाली करने के लिए एक वैचारिक संघर्ष है। इसका उद्देश्य जनता को 'आप' की भ्रष्ट राजनीति से अवगत करना तथा यह प्रण दिलांना है की वो आम आदमी पार्टी को तब तक चंदा मत दे जब तक पार्टी अपने देनकर्ताओं की सूची सार्वजनिक नहीं कर देती।

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