छत्तीसगढ़ : कांग्रेस सरकार का एक और बड़ा फैसला, टाटा संयंत्र हेतु अधिग्रहित जमीन किसानों को वापस होगी

छत्तीसगढ़ : कांग्रेस सरकार का एक और बड़ा फैसला, टाटा संयंत्र हेतु अधिग्रहित जमीन किसानों को वापस होगी

भूपेश बघेल की सरकार द्वारा किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला

टाटा संयंत्र हेतु अधिग्रहित जमीन किसानों को वापस होगी

टाटा संयंत्र की जमीन किसानों को वापस किये जाने का व्यापक स्वागत

Chhattisgarh: Another major decision of the Congress government, the acquired land for the Tata plant will be back to the farmers.

रायपुर/26 दिसंबर 2018। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि यूपीए सरकार के समय बनाए गए अधिग्रहण कानून के अनुसार एक निश्चित समय अवधि तक औद्योगिक निकाय द्वारा उपयोग नहीं किए जाने पर किसानों की जमीन उनको वापस की जानी है। बस्तर में टाटा की स्टील संयंत्र हेतु किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बावजूद संयंत्र स्थापित नहीं हो सका। कांग्रेस ने बार-बार मांग की थी कि यूपीए सरकार के भू अधिग्रहण कानून के अनुसार यह जमीन किसानों को वापस किए जाये, लेकिन रमन सिंह सरकार ने कांग्रेस की मांगे नहीं मानी और किसानों की जमीनें वापस नहीं की गयी।

 

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद कांग्रेस की मांगों के अनुसार आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों की जमीनें वापस दिए जाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। भूपेश बघेल सरकार के एक और किसान हितकारी फैसले का बस्तर सहित पूरे प्रदेश में व्यापक स्वागत हो रहा है।

 

कल सुबह बस्तर के विधायकों और कांग्रेस नेताओं ने सीएम हाऊस में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर टाटा प्रभावित किसानों की जमीन वापसी पर चर्चा की और दोपहर तक मुख्यमंत्री ने टाटा प्रभावित किसानों की जमीन वापसी की घोषणा कर दी।

 

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा सरकार के द्वारा वर्ष 2006 से ही लोहंडीगुड़ा क्षेत्र में टाटा संयंत्र लगाने की प्रकिया चल रही थी, जिसमें शासन ने 1709 किसानों की 5000 हेक्टेयर से अधिक जमीनों को जबरिया अधिग्रहीत किया था। टाटा प्रभावित किसानों की जमीन वापसी की मांग को लेकर बस्तर के कांग्रेस विधायकों ने और पूरी कांग्रेस पार्टी ने लगातार सदन से सड़क तक लड़ाई लड़ी है।

 

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के जगदलपुर सभा के दौरान भी टाटा के लिये अधिग्रहित जमीनों को किसानों के लिये वापस किये जाने का मुद्दा उठा था। साथ ही पूर्व में भी कांग्रेस पार्टी के द्वारा सरकार बनने से प्रभावित किसानों की जमीनें वापसी के मुद्दे को अपने जन घोषणा पत्र में शामिल किया था। आज बस्तर के नेताओं ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से चर्चा की। आज ही सरकार बनने के सात दिनों के अंदर ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोहंडीगुड़ा के किसानों के प्रति ऐतिहासिक फैसला लेते हुए टाटा प्रभावित किसानों की जमीन वापसी की घोषणा कर दी है।

ख़बरें और भी हैं –

तो मोदी को बचाने के लिए जनवरी में अमित शाह सूली पर चढ़ेंगे !

अपंजीकृत संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सर्वोच्च न्यायालय को धमकी

आज करूणा और फिलीस्तीन मुक्ति का दिन है… आज समूची मानवता सूली पर लटकी हुई है

देशविरोधी है अमेरिका और भारत के बीच होने वाली कॉमकोसा सन्धि

सोशल मीडिया से घबराई सरकार कसेगी नकेल, सरकार लाई सोशल मीडिया केंद्रित आईटी नियमों का मसौदा

रवीश कुमार ने किया सवाल - किसानों की क़र्ज़ माफ़ी पर हंगामा, बैंकों को एक लाख करोड़ पर चुप्पी क्यों

क्या यह ख़बर/ लेख आपको पसंद आया ? कृपया कमेंट बॉक्स में कमेंट भी करें और शेयर भी करें ताकि ज्यादा लोगों तक बात पहुंचे

कृपया हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

Shailesh Nitin Trivedi, Chhattisgarh, Congress government, land acquired for Tata plant, Tata plant, acquired land, acquired land will be back to the farmers,

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।