एंटीगुआ सरकार का दावा, मोदी सरकार ने मेहुल चौकसी को दी थी क्लीन चिट, गैर जमानती वारंट भी ले लिया था वापस

एंटीगुआ सरकार का दावा, मोदी सरकार ने मेहुल चौकसी को दी थी क्लीन चिट, गैर जमानती वारंट भी ले लिया था वापस

हस्तक्षेप डेस्क
Updated on : 2018-08-03 12:04:28

एंटीगुआ सरकार का दावा, मोदी सरकार ने मेहुल चौकसी को दी थी क्लीन चिट, गैर जमानती वारंट भी ले लिया था वापस

नई दिल्ली, 03 अगस्त। विपक्ष यह आरोप लगाता रहा है कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को विदेश भगाने में मोदी सरकार की मिलीभगत है। कांगेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तो संसद में बकायदा आरोप लगाया चौकीदार नहीं भागीदार है। अब एक नया खुलासा हुआ है जिसके मुताबिक एंटीगुआ सरकार ने मेहुल चौकसी को नागरिकता देने से पहले बाकायदा भारत सरकार से पूछा था और सरकार ने यात्रा के लिए उसे क्लीन चिट दी थी।

एंटीगुआ सरकार की नागरिकता निवेश इकाई (सीआईयू) The Citizenship By Investment Unit (CIU), ने बाकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि मेहुल चौकसी के नागरिकता आवेदन पर उन्होंने पूरी जाँच पड़ताल की थी और भारत सरकार से पूछा था। विज्ञप्ति में कहा गया है कि मोदी सरकार ने मेहुल चौकसी को यात्रा के लिए क्लीन चिट दी थी, गैर जमानती वारंट भी वापस ले लिया था. सेबी (बाजार नियामक) ने भी बताया था कि चौकसी के ख़िलाफ़ कोई मामला नहीं है!

एंटीगुआ से प्रकाशित Daily antigua Observer अखबार में 2 अगस्त को CIU puts Choksi ‘facts’ on the table शीर्षक की खबर में सीआईयू की पूरी विज्ञप्ति प्रकाशित हुई है।

विज्ञप्ति में सीआईयू ने जनता को आश्वस्त किया है कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि मेहुल चोकसी एंटीगुआ और बारबूडा नागरिकता निवेश अधिनियम के तहत नागरिकता प्राप्त करने के एक उपयुक्त और उचित उम्मीदवार थे, सभी उचित कदम उठाए गए।

/p>

संबंधित समाचार :