सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ 'नागरिक प्रतिवाद' : सैकड़ों लोगों ने लिया हिस्सा

रायपुर। पांच वामपंथी पार्टियों -- माकपा, भाकपा (माले)-रेड स्टार, एसयूसीआई, भाकपा (माले)-लिबरेशन और भाकपा - के आह्वान पर विभिन्न रंगत के सैकड़ों लोगों ने आज घड़ी चौक स्थित अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष अपना 'नागरिक प्रतिवाद' दर्ज किया.

इस प्रतिवाद में वामपंथी पार्टियों के कार्यकर्ताओं के साथ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, सीटू, इंटक, आरडीआईयू, बेफी से संबंद्ध कर्मचारी शामिल थे, तो भारत के लिए लोग, जनवादी नौजवान सभा, नाचा थियेटर जैसे सामजिक-सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता, लेखक-कवि-कलाकार भी शामिल थे.

पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद से ग्रस्त भीड़ द्वारा निरीह नागरिकों की हत्याओं के खिलाफ वे सब एकजुट थे, गाय के नाम पर अख़लाक़-जुनैद-पहलू खान की हत्या के खिलाफ आवाज़ उठा रहे थे, तो अमरनाथ यात्रियों पर आतंकवादी हमलों के खिलाफ भी अपना रोष प्रकट कर रहे थे. इसके साथ ही वे कृषि संकट और किसान आत्महत्याओं के खिलाफ, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार फसलों की लागत का डेढ़ गुना लाभकारी समर्थन मूल्य देने और उन्हें सरकारी व् महाजनी क़र्ज़ से मुक्त करने की भी मांग कर रहे थे.

पशुओं के व्यापार पर केंद्र की अधिसूचना को लोगों के व्यापार करने, खानपान व् आजीविका पर हमला बताते हुए भी वे सब प्रतिवाद के लिए जुटे थे.

यह 'नागरिक प्रतिवाद' केंद्र और राज्य सरकार से अपनी सांप्रदायिक नीतियों से पलटने और संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों पर चलने की भी मांग कर रहा था. अलग-अलग रंगों के झंडे-बैनर और नारे लिखी हुई तख्तियां इस 'प्रतिवाद' को रंगारंग बना रहे थे, जो नागरिकों के इस प्रतिवाद में शामिल होने के उद्देश्य को स्पष्ट कर रहे थे. इसलिए नारेबाजी तो हुई, दलितों-आदिवासियों-अल्पसंख्यकों के पक्ष में आवाज उठी, नागरिक अधिकारों पर लगातार हो रहे हमलों पर सरकार की निष्क्रियता के खिलाफ रोष भी प्रकट किया गया, लेकिन कोई भाषणबाजी नहीं हुई. इसकी जगह निसार अली ने राजेश जोशी की प्रसिद्ध कविता 'मारे जायेंगे' सुनाई, तो वासुकीप्रसाद 'उन्मत्त' ने अपनी स्वरचित कविता पढ़ी. संविधान के मूल्यों की रक्षा के लिए जो संघर्ष आज चल रहा है, उसे आगे बढ़ने के संकल्प के साथ इस 'नागरिक प्रतिवाद' कार्यक्रम का समापन हुआ.

 

इस प्रतिवाद में माकपा नेता संजय पराते, धर्मराज महापात्र, एमके नंदी, वकील भारती, शांतकुमार, शीतल पटेल, राजेश कौशिक, एससी भट्टाचार्य, भाकपा-माले-रेड स्टार के सौर यादव, तेजराम विद्रोही, दीपा,आरएन यादव, एसयूसीआई के विश्वजीत हारोड़े, आत्माराम साहू, देवेन्द्र पाटिल, पूजा शर्मा, भाकपा-माले-लिबरेशन के नरोत्तम शर्मा सहित  तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के नरेन्द्र चंद्राकर, चंद्रशेखर तिवारी, जियाऊर कुरैशी, गजेन्द्र यादव, आरडीआईईयू के केके साहू, वीएस बघेल, अतुल देशमुख, आरिफ दागिया, बेफी के डीके सरकार, सीटू के डीवीएस रेड्डी, एसपी डे, लालसिंह, पी वेंकट, अशोक खातरकर, रवुइशन्कर साहू, टी जोगाराव, केआर चंद्रन, रामनिहोर, विनय देवांगन, जगन्नाथ त्रिवेदी, सविता, संतोष वर्मा, इंटक के बीके ठाकुर, सनी अग्रवाल, ऋषि मिश्रा, सुधाकर दिघे, जनवादी नौजवान सभा के मनोज यादव, आकाश वर्मा, दुर्गेश कहार व अन्य लोगों ने हिस्सा लिया.  

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