भाकपा (माले) ने ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकाल रहे छात्र-युवाओं की गिरफ्तारी की निंदा की

    लखनऊ, 25 जुलाई। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने मंगलवार को मोदी-योगी सरकार के खिलाफ लखनऊ विश्वविद्यालय से विधानसभा तक ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकाल रहे आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा के छात्र-युवाओं को गिरफ्तार कर लेने की पुलिस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए कड़ी निंदा की है।

    पार्टी राज्य स्थायी समिति (स्टैन्डिंग कमेटी) के सदस्य अरुण कुमार ने कहा कि योगी सरकार विधानसभा से लेकर सड़क तक विरोध और असहमति की आवाज को दबाने की लगातार कोशिश कर रही है।

    आज जब विभिन्न जिलों व विश्वविद्यालयों से लखनऊ पहुंचे छात्र-नौजवान सहारनपुर से लेकर मिर्जापुर तक दलित उत्पीड़न की घटनाओं, गौ-रक्षा के नाम पर की जा रही भीड़-हत्याओं, शिक्षा के बजट में कटौती, रोजगार व समान शिक्षा के अधिकार पर हो रहे हमलों के खिलाफ राजधानी में अपना शांतिपूर्ण आक्रोश प्रकट करना चाह रहे थे, तो योगी सरकार की पुलिस ने उनके साथ जोर-जबरदस्ती की। बहुमत में मदमस्त योगी सरकार का यह लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने कहा कि दमन के खिलाफ लोकतंत्र के संघर्ष को तेज किया जायेगा।

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