आन्दोलनकारियों पर गोली चलाने वाली भाजपा सरकार को देखकर जनरल डायर भी शर्मिंदा हो जाए

भारत बंद के दौरान गिरफ्तार आन्दोलनकारियों को क़ानूनी मदद करेंगे मुहम्मद शुएब...

भारत बंद के दौरान गिरफ्तार आन्दोलनकारियों को क़ानूनी मदद करेंगे मुहम्मद शुएब

आन्दोलनकारियों पर रासुका लगाकर भाजपा सरकार दलित-पिछड़ों को देश विरोधी घोषित की- मुहम्मद शुएब

लखनऊ 3 अप्रैल 2018. रिहाई मंच के अध्यक्ष एड. मुहम्मद शुएब ने एससी-एसटी एक्ट को कमजोर करने के खिलाफ भारत बंद के दौरान गिरफ्तार आन्दोलनकारियों को क़ानूनी मदद देने का एलान करते हुए कहा कि एक तरफ दलित –आदिवासियों पर लगातार हमले बढ़ रहे हैं तो दूसरी तरफ साजिशन एससी-एसटी एक्ट कमजोर किया जा रहा है. मंच ने रोष प्रगट करते हुए कहा की आन्दोलनकारियों पर गोली चलाना कायराना करतूत है. रिहाई मंच ने आन्दोलन ने शहीद हुए आन्दोलनकारियों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रगट करते हुए कहा कि देश निर्माण के इतिहास में शहीद आन्दोलनकारियों का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है. 7 अप्रैल को होने वाले कार्यक्रम में उत्पीड़न का यह सवाल प्रमुख मुद्दा होगा.

रिहाई मंच अध्यक्ष एड. मुहम्मद शुएब ने कहा कि वे एससी-एसटी एक्ट को कमजोर करने के खिलाफ भारत बंद के आन्दोलन में गिरफ्तार आन्दोलनकारियों की क़ानूनी मदद करेंगे. मेरठ, सहारनपुर और मुज़फ्फरनगर, आजमगढ़, इलाहाबाद समेत पूरे देश से बड़ी तादात में लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा रहा है. अकेले हापुड़ से 175 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, सिर्फ इतना ही नहीं दलित पत्रकारों को भी चिन्हित करके गिरफ्तार किया जा रहा है. हापुड़ से विकास दयाल की गिरफ्तारी इसका सुबूत है. आन्दोलनकारियों पर रासुका लगाकर सरकार यह साबित करना चाहती है कि दलित-पिछड़े देश विरोधी हैं पर उनकी साजिश कामयाब नही होगी. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में लगातार दलित उत्पीड़न बढ़ रहा है और सरकार साजिश रच कर कानून को कमजोर बना रही है.

उन्होंने आन्दोलनकारियों पर गोली चलाने पर सरकार को जनरल डायर करार देते हुए कहा कि आन्दोलनकारियों पर गोली चलाना कायराना करतूत है. शहीद आन्दोलनकारियों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रगट करते हुए कहा कि देश निर्माण के इतिहास में शहीद आन्दोलनकारियों का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है.

7 अप्रैल को होने वाले कार्यक्रम में उत्पीड़न का यह सवाल प्रमुख मुद्दा होगा. यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ के सांप्रदायिक भाषणों के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में लंबे समय से मुकदमा लड़ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता फरमान अहमद नकवी मुख्य वक्ता होंगे। सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ संघर्षरत सामाजिक कार्यकर्ता असद हयात, आतंकवाद के विभिन्न मुकदमों को लड़ रहे एपीसीआर के एड. अबू बकर सब्बाक, अरविन्द मूर्ति, हाल में बिहार में हुई सांप्रदायिक घटनाओं पर ‘भागलपुर राष्ट्रीय शर्म के पच्चीस साल’ के लेखक वर्धा विश्वविद्यालय के अस्टिेंट प्रोफेसर शरद जायसवाल, पिछले दिनों गोरखपुर में योगी के गुण्डों के हमले का शिकार हुए अम्बेडकरवादी छात्र सभा के अमर पासवान बात रखेंगे।

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