दलित कार्यकर्ता भानु भाई के आत्मदाह के लिए गुजरात सरकार जिम्मेदार, मोदी मानसिक दिवालियापन के शिकार

भूमिहीन दलितों पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के लिए जमीन के अधिकार के लड़ाई नए समाज और देश की निर्माण की लड़ाई है -रिहाई मंच...

हाइलाइट्स

दलित सामाजिक कार्यकर्ता भानु भाई जेठाभाई वनकर के आत्मदाह करने के लिए  गुजरात सरकार  जिम्मेदार -रिहाई मंच

भूमिहीन दलितों पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के लिए जमीन के अधिकार के लड़ाई नए समाज और देश की निर्माण की लड़ाई है -रिहाई मंच

एनएपीएम की नेता मेधा पाटकर को आतंकवादी संगठनों का समर्थक बताने वाले सुशील मोदी  मानसिक दिवालिया।

लखनऊ 18 फरवरी 2018। रिहाई मंच ने गुजरात में दलित सामाजिक कार्यकर्ता भानु भाई जेठाभाई वनकर के आत्मदाह करने के लिए  गुजरात सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। मंच ने कहा कि प्रशासन को पता था कि भानु भाई जेठाभाई आत्मदाह करेंगे फिर भी प्रशासन नही चेता। भानु भाई की मौत के बाद गुजरात में चल रहे आंदोलन के नेता जिग्नेश मेवानी और वटवा विधानसभा से सोशलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी रहे कलीम सिद्दीकी समेत सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिए जाने पर मंच ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गुजरात समेत पूरे देश में अघोषित आपातकाल लागू हो गया है। अब तो जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को भी सरकार बर्दाश्त नही कर रही है। सड़कों पर जनता के सवालों पर संघर्षरत आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है।मंच ने कहा कि बिहार में आतंकवाद के आरोप में फसाये गए गया के युवकों के परिजनों से मुलाकात करने गयी एनएपीएम की नेता मेधा पाटकर को आतंकवादी संगठनों का समर्थक बताने वाले सुशील मोदी मानसिक दिवालिया हो गए हैं।

जारी प्रेस नोट में रिहाई मंच प्रवक्ता अनिल यादव ने कहा कि भानु भाई जेठाभाई लम्बे समय से दलितों के लिये जमीन के अधिकार के लिए संघर्षरत थे। उन्होंने आत्मदाह करने से पहले प्रशासन को आगाह किया था लेकिन प्रशासन के मनुवादी रवैये ने उनकी जान ले ली। जिसके लिए भाजपा सरकार जिम्मेवार है। मंच प्रवक्ता ने कहा कि भूमिहीन दलितों पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के लिए जमीन के अधिकार के लड़ाई नए समाज और देश की निर्माण की लड़ाई है। जिसका रिहाई मंच समर्थन करता है। बडगाम के विधायक जिग्नेश मेवानी और कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश में अघोषित आपातकाल लागू हो गया। दलितों पिछड़ों और मुसलमानों का सवाल उठाने वालों को सरकार गिरफ्तार करवा रही है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी द्वारा मेधा पाटकर को आतंकवादी समर्थक कहे जाने पर मंच प्रवक्ता ने कहा कि सुशील मोदी मानसिक दिवालियापन के शिकार हैं। उनको शायद मालूम होगा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे से उनकी पार्टी का क्या संबंध है और आतंकी कौन है?

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।