6 दिसम्बर को 'काला दिवस' मनाएंगी वाम पार्टियां

वामपंथी पार्टियों के अखिल भारतीय आह्वान पर छत्तीसगढ़ में वामपंथी पार्टियां 6 दिसम्बर को 'काला दिवस' मनाएगी. उल्लेखनीय है कि 25 साल पहले इसी दिन हिंदुत्ववादी ताकतों ने बाबरी मस्जिद का विध्वंस किया था,...

रायपुर। वामपंथी पार्टियों के अखिल भारतीय आह्वान पर छत्तीसगढ़ में वामपंथी पार्टियां 6 दिसम्बर को 'काला दिवस' मनाएगी. उल्लेखनीय है कि 25 साल पहले इसी दिन हिंदुत्ववादी ताकतों ने बाबरी मस्जिद का विध्वंस किया था, जिसके दोषियों को आज तक दण्डित नहीं किया गया है. यह फैसला माकपा, भाकपा, भाकपा(माले)-लिबरेशन, एसयूसीआई(सी) व भाकपा(माले)-रेड स्टार  की  संयुक्त बैठक में लिया गया.

आज यहां ज़ारी एक बयान में वाम पार्टियों ने कहा है कि बाबरी मस्जिद विध्वंस भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्ष और जनतांत्रिक आधार पर सबसे बड़ा हमला था. इस हमले में सीधा हाथ उस संघी गिरोह का था, जो साझा संस्कृति वाले बहुलतावादी भारत को अपनी कल्पना के "सांप्रदायिक और फासीवादी हिन्दू राष्ट्र" में बदलना चाहता है.

उन्होंने कहा कि भाजपा के केंद्र  में सत्ता में आने के बाद अब ये ताकतें सरकारी संरक्षण में निजी सेनाएं खड़ी कर रही हैं, जो कभी गौ-रक्षा के नाम पर, तो कभी राष्ट्रभक्ति और लव-जेहाद के नाम पर आम जनता पर, विशेषकर दलितों व अल्पसंख्यकों पर बड़े पैमाने पर हमले कर रहे हैं. अब य ताकतें लोगों पर यह थोप रही हैं कि वे क्या खाएं, क्या पहने, किसके साथ दोस्ती और शादी करे. भाजपा नेता और मंत्री भी "नैतिक पहरेदारी" के नाम पर खड़ी की गई इन निजी सेनाओं के अनैतिक कृत्यों का जश्न मनाते है.

वाम पार्टियों ने कहा है कि 6 दिसम्बर डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर का निर्वाण दिवस भी है. बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए संघी गिरोह द्वारा इस दिन को चुना जाना बहुत ही सुनियोजित था, जो उनके द्वारा बनाए गए संविधान की जगह 'वर्णव्यवस्था' कायम करने वाली 'मनुस्मृति' को इस देश की जनता पर लादना चाहती है. संघी गिरोह की इस मुहिम के खिलाफ वामपंथी पार्टियां इस देश की उन सभी ताकतों को लामबंद करेगी, जो इस देश की साझी विरासत और संसदीय जनतंत्र को बचाने और जनता को सांप्रदायिक आधार पर विभाजित करने की संघी गिरोह की कोशिशों के खिलाफ लड़ने में यकीन रखते हैं.

छत्तीसगढ़ में रायपुर सहित वाम पार्टियों की सभी ईकाईयां 'काला दिवस' आयोजित करेगी तथा संघ-भाजपा की नफ़रत फैलाने वाली नीतियों के खिलाफ आम जनता को बड़े पैमाने पर लामबंद करेगी.

बैठक में संजय पराते, एम के नंदी (माकपा), विश्वजीत हरोड़े (एसयूसीआई-सी), नरोत्तम शर्मा (भाकपा-माले-लिबरेशन), सोम गोस्वामी (भाकपा) और सौरा यादव (भाकपा-माले-रेड स्टार) आदि उपस्थित थे.

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