कांग्रेस ने की अवैध बच्चा विक्रय में फंसी शानू मसीह के भाजपा और संघ से संबंध की जांच की मांग

शानू मसीह नियमित रूप से पूर्णेंदू सक्सेना के साथ काम कर रही थीं नरेंद्र मोदी विचार मंच की संचालक और श्रीमती वीणा सिंह की भी क़रीबी आरएसएस नेता को बचाने में जुटी रमन सरकार...

कांग्रेस ने की अवैध बच्चा विक्रय में फंसी शानू मसीह के भाजपा और संघ से संबंध की जांच की मांग

शानू मसीह नियमित रूप से पूर्णेंदू सक्सेना के साथ काम कर रही थीं

नरेंद्र मोदी विचार मंच की संचालक और श्रीमती वीणा सिंह की भी क़रीबी

आरएसएस नेता को बचाने में जुटी रमन सरकार

रायपुर, 24 सितंबर। कांग्रेस ने अवैध बच्चा विक्रय में फंसी शानू मसीह के भाजपा और संघ से संबंध की पूरी जांच कराए जाने की मांग की है।

यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बच्चा बेचने और ग़लत ढंग से गोद देने के अवैध व्यवसाय से जुड़ी शानू मसीह की भूमिका और भाजपा संघ के साथ उनके नेताओं के संबंधों की जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि “हमारे पास पुख़्ता जानकारी है कि शानू मसीह नियमित रूप से डॉ पूर्णेंदू सक्सेना के साथ काम कर रही थीं।“

कांग्रेस की प्रेस वार्ता में निम्न बातें कही गईं -

विशारद हॉस्पिटल, सुभाष स्टेडियम के सामने स्थित है, जहां डॉ पूर्णेंदू सक्सेना शाम को नियमित रूप से बैठते हैं।

हमारे पास जानकारी है इसी अस्पताल में तथाकथित डॉ शानू मसीह उनके साथ बैठती हैं और उनका वित्तीय लेनदेन को संचालित करती थीं।

ऐसा कैसे हो सकता है कि वे बरसों से डॉ पूर्णेंदू सक्सेना के रजिस्ट्रेशन नंबर का उपयोग करती रहीं और यह बात उनकी जानकारी में नहीं रहे।

अगर यह दुरुपयोग था तो डॉ पूर्णेंदू सक्सेना ने क्यों पुलिस में एफ़आईआर करवाने की जगह सिर्फ़ शिकायत क्यों करवाई?

उन्होंने इंडियन मेडिकल काउंसिल में इसकी शिकायत क्यों दर्ज नहीं करवाई?

डॉ पूर्णेंदू सक्सेना सिर्फ़ एक डॉक्टर नहीं हैं, बल्कि वे आरएसएस के सह प्रांताध्यक्ष हैं।

हमें लगता है कि रमन सिंह सरकार संघ के पदाधिकारी होने के नाते डॉ पूर्णेंदू सक्सेना को बचाने की कोशिश कर रही है।

शानू मसीह की तस्वीरें भाजपा नेताओं और मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती वीणा सिंह के साथ भी सोशल मीडिया में हैं। इन संबंधों की भी जांच होनी चाहिए।

कांग्रेस ने मांग की है कि

डॉ पूर्णेंदू सक्सेना और शानू मसीह के संबंधों की जांच होनी चाहिए और इसके लिए विशारद हॉस्पिटल के पिछले एक साल का सीसीटीवी फुटेज तत्काल जब्त किया जाए।

जिन लोगों का भी नाम इस मामले में आ रहा है उनके कॉल डीटेल्स निकालें जाएं।

इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि कहीं बच्चा बेचने और गोद देने के अवैध कारोबार में डॉ पूर्णेंदू सक्सेना भी तो शामिल नहीं हैं।

जिन लोगों को बच्चा बेचा गया है या गोद दिया गया है उनकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए और उन्हें भी अपराधियों की श्रेणी में रखा जाना चाहिए।

जिन लोगों को बच्चा दिया गया है उनकी क़ानूनी वैवाहिक स्थिति की जांच की जाए।

आईपीएस अफ़सर, दूसरे अधिकारियों और सारे रसूख़दार लोगों की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, जिन्हें बच्चा दिया गया।

बच्चा बेचने और गोद देने के अवैध कारोबार के पीछे एक संगठित गिरोह दिखता है. हमारी मांग है कि इस कारोबार का पर्दाफ़ाश करने के लिए इसकी जांच तुरंत सीबीआई को सौंपी जाए।

पत्रकारवार्ता में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन, कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता, संचार विभाग के सदस्य किरणमयी नायक, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, पूर्व शहर अध्यक्ष इंदरचंद धाड़ीवाल, अमित श्रीवास्तव उपस्थित थे।

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