नई टीम बना रहे हैं राहुल, दिल्ली छोड़ मप्र का रुख करेंगे दिग्विजय... अमित शाह बनना चाहते हैं गुजरात का सीएम

अब मध्यप्रदेश का रुख करेंगे दिग्विजय सिंह। आखिर गोवा में क्यों नहीं बन पाई कांग्रेस की सरकार..शंकर सिंह बाघेला को दिग्विजय ने क्यों बोला गद्दार.. देखिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू...

हाइलाइट्स

अमित शाह अमित शाह को राज्यसभा में भेजने पर टिप्पणी करते हुए दिग्विजय ने कहा, गुजरात में इसी साल चुनाव होने हैं और अमित शाह की नजर गुजरात के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर है उन्हें गुजरात की राजनीति से बाहर करने के लिए राज्यासभा में भेजा गया है। ताकि वह गुजरात सरकार को अस्थिर नहीं कर सके।

 

अब मध्यप्रदेश का रुख करेंगे दिग्विजय सिंह। आखिर गोवा में क्यों नहीं बन पाई कांग्रेस की सरकार..शंकर सिंह बाघेला को दिग्विजय ने क्यों बोला गद्दार.. देखिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

नई दिल्ली (देशबन्धु)। पिछले दिनों कर्नाटक के प्रभारी पद से हटाए गए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा, कि वह कुछ दिनों के लिए दिल्ली की राजनीति से दूरी बनाकर मध्य प्रदेश का रुख करेंगे। इसके लिए उन्होंने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से 30 अप्रैल तक के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव पद से दूर रखने का अनुरोध भी किया है।

देशबन्धु के समूह संपादक राजीव रंजन श्रीवास्तव के साथ साक्षात्कार में कांग्रेस छोड़ने की बात पर उन्होंने कहा कि इस जन्म में वह कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, दिल्ली की राजनीति से दूर वह नर्मदा की परिक्रमा करना चाहते हैं, इसमें चार से पांच माह तक का समय लग सकता है। यह पूरा कार्यक्रम उनका निजी और पारिवारिक होगा और कोई राजनीतिक नहीं होगी। इसके लिए उन्होंने एकआईसीसी के सभी पदों से खुद को अलग करने का आवेदन पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौँप दिया है। आवेदन में उन्होंने 30 अप्रैल तक की छुट्टी मांगी है।

सरादर सरोवर परियोजना को लेकर चल रहे विरोध पर उन्होंने कहा, जब वह मुख्यमंत्री थे उस समय इंदिरा सागर बांध का निर्माण हुआ था उसमें इससे ज्यादा जमीन डूब क्षेत्र में आई थी लेकिन सरकार द्वारा की गई व्यवस्था के कारण न तो कोई धरना हुआ और न ही प्रदर्शन। सरकार ने सभी पक्षों को संतष्टï किया। लेकिन सरदार सरोवर परियोजना का लेकर सरकार का रवैया भिन्न है। शिवराज सिंह चौहान नर्मदा बचाओ आंदोलन कर रहे लोगों से वार्ता के लिए आगे नहीं आए हैं। सरकार व आंदोलनकारियों के बीच संवादहीनता की स्थिति बनी हुई है। लोकतंत्रत में संवदहीनता से किसी भी समस्या का समाधान नहीं ढूढा जा सकता। किसी भी समस्या का समाधान के लिए संवाद सबसे ज्यादा जरूरी है।

मध्य प्रदेश में नए लोगों को मिले मौका

कांग्रेस महासचिव ने कहा, 1980 से लेकर 2003 तक उन्होंने मध्य प्रदेश में राजनीति की इस दौरान वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, मंत्री एवं दस वर्ष तक प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। बाद में उन्होंने नए लोगों को मौका देने के लिए प्रदेश की राजनीति से दूरी बनाई। 2019 के चुनाव में प्रदेश कांग्रेस का चेहरा बनने की संभावना से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार नए लोगों को मौका देने का समय है।  

गोवा में फेल नहीं हुई थी रणनीति

गोवा में सरकार न बनाने को उन्होंने अपनी रणनीतिक विफलता मानने से इनकार करते हुए  कहा, यदि गोव में उनकी रणनीति गलत थी तो मणिपुर में क्या हुआ था, वहां तो 15-20 साल से कांग्रेस की सरकार थी, मुख्यमंत्री भी अपना ही था सबसे बड़ी पार्टी भी कांग्रेस थी फिर भी सरकार भाजपा ने बना ली। गोवा में तो हम विपक्ष में थे।

उन्होंने कहा, 11 मार्च को चुनाव परिणाम में गोवा में कांग्रेस को 17 सीटें मिली थी, एक एनसीपी व तीन निर्दलीय विधायकों के सहारे हम बहुमत साबित कर सकते थे विजय सरदेसाई की पार्टी ने भी समर्थन का भरोसा दिया था। रात को दो बजे तक हम सरकार बनाने की स्थिति थे लेकिन इसके बाद केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता नितिन गडकरी ने अपना थैला खोल दिया और सुबह कांग्रेस के कैम्प में कुछ भी नही था। 

मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं

अमित शाह अमित शाह को राज्यसभा में भेजने पर टिप्पणी करते हुए दिग्विजय ने कहा, गुजरात में इसी साल चुनाव होने हैं और अमित शाह की नजर गुजरात के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर है उन्हें गुजरात की राजनीति से बाहर करने के लिए राज्यासभा में भेजा गया है। ताकि वह गुजरात सरकार को अस्थिर नहीं कर सके। 

वघेला ने धोखा दिया

गुजरात के राज्यसभा चुनाव में अहमद पटेल को मिली जीत से उत्साहित दिग्विजय ने कहा, उन्होंने जाति व धर्म स परे शंकर सिंह वघेला से अहमद पटेल का समर्थन करने का अनुराध किया था, कांग्रेस ने वघेला को पूरा सम्मान दिया था  लेकिन वघेला ने कांग्रेस व अहमद पटेल दोनों को धोखा दिया। 

नई टीम बना रहे हैं राहुल

कांग्रेस में लगातार घटते अपने कद पर उन्होंने कहा, राहुल गांधी भविष्य कांग्रेस का चेहरा है और वह अपनी टीम बना रहे हैं। इसके लिए जरूरी है वरिष्ठ लोग स्थान खाली करें। इसके लिए उन्होंने राहुल गांधी को राह भी दी कि वह मुझे एवं मेरे समकक्ष वरिष्ठ लोगों को सेवानिवृत्त कर अपनी टीम का गठन करें।   

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