भाजपा के संरक्षण में पल रहे गुंडों ने खुलेआम सड़क पर घसीट-घसीट कर की दिलीप सरोज की हत्या

​​​​​​​रिहाई मंच ने किया दिलीप सरोज के परिजनों से की मुलाकात, हत्यारों को संरक्षण देने वाले BJPनेता मोनू सिंह की गिरफ्तारी की मांग सवर्ण सामंती अपराधियों को मालूम है सत्ता में बैठे लोग उनको बचा लेंगे...

हाइलाइट्स

रिहाई मंच ने किया दिलीप सरोज के परिजनों से की मुलाकात, हत्यारों को संरक्षण देने वाले भाजपा नेता मोनू सिंह की गिरफ्तारी की मांग

सवर्ण सामंती अपराधियों को मालूम है कि सत्ता में बैठे लोग उनको बचा लेंगे

प्रतापगढ़/लखनऊ, 18 फरवरी 2018। रिहाई मंच ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र दिलीप सरोज के परिजनों से मुलाकात करके शोक संवेदना व्यक्त की। मंच ने दिलीप सरोज के हत्यारों को संरक्षण देने वाले भाजपा नेता मोनू सिंह की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि दिलीप सरोज के हत्यारों को संरक्षण देने वाले मोनू सिंह के ऊपर आपराधिक षड्यंत्र रचने और उनको मदद पहुंचाने के आरोप में तत्काल गिरफ्तार किया जाए।गौरतलब है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सम्बद्ध कालेज एडीसी के विधि छात्र दिलीप सरोज की कालिका होटल में पीट पीटकर हत्या कर दी गयी थी। दलित छात्र की हत्या में शामिल हत्यारों ने ईंट पत्थर और रॉड से मार डाला। मंच ने कहा कि यह सत्ता का दम्भ है कि सवर्ण सामंती अपराधियों को मालूम है कि सत्ता में बैठे लोग उनको बचा लेंगे।

रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने कहा कि इलाहाबाद में दलित छात्र दिलीप सरोज  की हत्या में शामिल हत्यारों को भाजपा का संरक्षण प्राप्त है। जिसमें भाजपा नेता मोनू सिंह हत्यारों को बचा रहे थे। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद जैसे शहर में यह हालत हैं तो अंजादा लगाया जा सकता है कि सूबे के अन्य इलाकों में हालात क्या होंगे। उन्होंने कहा कि हैदराबाद विश्वविद्यालय में दलित छात्र की हत्या सांस्थानिक हत्या थी जिसमे सत्ता में बैठे लोग नीतियों के तहत हत्या किए मगर दिलीप सरोज की हत्या तो भाजपा के संरक्षण में पल रहे गुंडों ने खुलेआम सड़क पर घसीट घसीट कर की। खुलेआम सड़क पर हाँकी- डंडे लेकर सत्ता दम्भ से खुलेआम हत्या किए।

मंच के प्रतिनिधि मंडल ने 15 फरवरी को दिलीप के परिजनों से मुलाक़ात के साथ-साथ दिलीप सरोज के लिए इंसाफ के लिए चल रहे आंदोलन के नेताओं से मुलाकात की। रिहाई मंच के आगामी प्रदेश व्यापी अभियान में दिलीप सरोज के इंसाफ सवाल प्रमुख मुद्दा होगा और मंच ने दलित पिछड़ों और अल्पसंख्यक छात्रों के सुरक्षा के लिए रोहित एक्ट की मांग को दोहराया।

प्रतिनिधि मंडल में राजीव यादव, शाहनवाज़ आलम, परवेज़ सिद्दकी, छात्रनेता दिनेश चौधरी, जनवादी छात्र सभा के सुनील यादव, शिवम और अनिल यादव शामिल थे।

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