ईवीएम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी : अखिलेश का मोदी पर निशाना कुछ लोग जनता को लाइन में खड़ा रखकर अपनी सत्ता की हनक दिखाना चाहते हैं

ये तकनीकी ख़राबी है या चुनाव प्रबंधन की विफलता या फिर जनता को मताधिकार से वंचित करने की साज़िश. इस तरह से तो लोकतंत्र की बुनियाद ही हिल जायेगी....

लखनऊ,29 मई। उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा सीट व नूरपुर विधानसभासीट पर हुए उपचुनाव में ईवीएम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पर उप्र केपूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेशयादव ने इशारों-इशारों में प्रधानमंत्रीपर निशाना साधते हुए पेपर बैलेट वोटिंग की माँग एक बार फिर दोहराई है।

अखिलेश यादव ने ट्वीट किया,

“आज कहा जा रहा है कि गर्मी के कारण EVM मशीन काम नहीं कर रही है, कल कहेंगे बारिश और ठंड की वजह से ऐसा हो रहा है. कुछ लोग जनता को लाइन में खड़ा रखकर अपनी सत्ता की हनक दिखाना चाहते हैं. हम पेपर बैलेट वोटिंग की माँग को एक बार फिर दोहराते हैं.

#BackToBallotSaveDemocracy #NoToEVM”

इससे पहले उन्होंने ट्वीट किया

“हज़ारों EVM में ख़राबी की शिकायतें आ रही हैं. किसान, मज़दूर, महिलाएँ व नौजवान भरी धूप में अपनी बारी के इंतज़ार में भूखे-प्यासे खड़े हैं. ये तकनीकी ख़राबी है या चुनाव प्रबंधन की विफलता या फिर जनता को मताधिकार से वंचित करने की साज़िश. इस तरह से तो लोकतंत्र की बुनियाद ही हिल जायेगी.”

बता दें उपचुनाव में बड़े पैमाने पर ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतें आई थीं।

सपा ने लगाया भाजपा पर साजिश का आरोप

इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने भी कहा था कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि नूरपुर में 140 ईवीएम मशीनें खराब हैं, क्‍योंकि उनके साथ छेड़छाड़ की गई है। कैराना से भी कुछ इस तरह की रिपोर्ट आ रही हैं।

राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि भाजपा फूलपुर और गोरखपुर में हार का बदला लेना चाहती है, यही कारण है कि वे हमें किसी भी कीमत पर हराना चाहते हैं।

शिवसेना ने कहा बैलेट पेपर्स से हों लोकसभा चुनाव

उधर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में आज हो रहे उपचुनावों में बड़े पैमाने पर ईवीएम खराबी की शिकायतों के बीच शिव सेना ने इसे चुनाव आयोग की विफलता बताते हुए लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर्स से कराने की मांग दोहराई है।

शिवसेना नेता अनिल देसाई ने कहा है कि ईवीएम और वीवीपीएटी में तकनीकी समस्याएं चुनाव आयोग की विफलता को स्‍पष्‍ट तौर पर दर्शाती हैं।

श्री देसाई ने कहा कि अगर उप-चुनावों की स्थिति यह है, तो लोकसभा चुनाव आने पर क्‍या होगा? हमने बार-बार कहा है और अन्य पार्टियां भी इस बात पर सहमत हुई हैं कि चुनाव बैलेट पेपर्स से होना चाहिए।

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