मुलायम ने माना शिवपाल के साथ अन्याय हुआ ! अखिलेश को बड़ा झटका मुलायम के करीबी पूर्व सांसद ने थामा शिवपाल का हाथ

प्रस्तावित विपक्षी महागठबंधन में कांग्रेस से बड़ा दिल रखने की उम्मीद रखने वाले अखिलेश यादव पर दूसरे दल अपने परिवार में ही छोटा व ओछा दिल रखने का आरोप लगा रहे हैं।...

मुलायम ने माना शिवपाल के साथ अन्याय हुआ ! अखिलेश को बड़ा झटका मुलायम के करीबी पूर्व सांसद ने थामा शिवपाल का हाथ

लखनऊ- 12 अक्टूबर, 2018। समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया की 51वीं पुण्यतिथि के अवसर पर समाजवादी पार्टी के अपदस्थ राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की आत्मा जाग गई और उन्होंने ऐलान कर दिया कि अगर बड़ा भाई छोटे भाई पर अन्याय करता है तो उसका भी विरोध करना चाहिए। इतना ही नहीं मुलायम सिंह यादव की विश्वासपात्रों की दर्जन भर सदस्यों की टीम का हिस्सा रहे पूर्व सांसद आज अखिलेश की साइकिल से उतरकर न केवल शिवपाल के मोर्चे में शामिल हो गए बल्कि मंच पर मुलायम की मौजूदगी में उपस्थित भी रहे।

लोहिया ट्रस्ट परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह यादव ने डॉ. लोहिया के संस्मरणों को सुनाते हुए कहा कि नौजवानों को डॉ० राम मनोहर लोहिया को पढ़कर राजनीति करनी चाहिए। लोहिया आजीवन फक्कड़ रहे। उनके जीवन दर्शन से हर प्रकार के अन्याय के विरोध की सीख मिलती है। डॉ० लोहिया की कृति न केवल उत्तर प्रदेश व भारत अपितु विदेशों में भी है। महात्मा गांधी के बाद इस देश के राजनीतिक दर्शन को लोहिया ने सबसे अधिक प्रभावित किया। लोहिया ने राजनीति से आम नागरिकों को जोड़ा और राजनीति में ऊँचे पदों पर स्थापित किया। समाजवादी विचारधारा से ही दुनिया के सारे दुःख दर्द व आर्थिक विषमता दूर हो सकती है।

उन्होंने यह कहकर कि लोहिया यह भी सिखाते हैं कि अगर बड़ा भाई छोटे भाई पर अन्याय करता है तो उसका भी विरोध करना चाहिए, साफ संकेत दे दिया कि उन्होंने न केवल इस बात को परोक्ष रूप से स्वीकार कर लिया है कि शिवपाल के साथ उन्होंने अन्याय किया है, बल्कि ये आव्हान भी कर दिया कि अन्याय करने वाले के खिलाफ संघर्ष करो।

जाहिर है कि मुलायम का यह वक्तव्य अखिलेश के लिए परेशानी पैदा करने वाला है, क्योंकि प्रस्तावित विपक्षी महागठबंधन में कांग्रेस से बड़ा दिल रखने की उम्मीद रखने वाले अखिलेश यादव पर दूसरे दल अपने परिवार में ही छोटा व ओछा दिल रखने का आरोप लगा रहे हैं।

इस अवसर पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि वह समाजवाद के प्रणेता राम मनोहर लोहिया की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे और बीजेपी से किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं करेंगे।

शिवपाल कहा,‘हम लोहिया की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे। हम साम्प्रदायिकता से लड़ेंगे और बीजेपी से हमें कोई समझौता नहीं करना है। हमारी लड़ाई बीजेपी से ही है।’

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का आशीर्वाद अपने साथ होने का दावा करते हुए शिवपाल ने कहा,

‘हमारी जिम्मेदारी है कि लोहिया के आदर्शों पर चलकर आगे बढ़ें। जब नेताजी (मुलायम) हमारे साथ हैं, तो हम लोहिया के आदर्शों को लेकर एक नयी क्रांति करने का काम करेंगे। देश में परिवर्तन लाएंगे।’



शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि डॉ० लोहिया के विचारों के आधार पर ही नेता जी के आशीर्वाद से और उनसे ही पूछकर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का गठन किया है।

उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया ने आजादी की लड़ाई में बढचढ़ कर हिस्सा लिया था और वे 42 की क्रांति के नायक थे। समाजवादी सेक्युलर मोर्चा लोहिया के सिद्धांतों के आधार पर साम्प्रदायिक ताकतों से मोर्चा लेने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री कमाल यूसुफ मलिक, पूर्व मंत्री शादाब फातिमा, पूर्व राज्यसभा सदस्य वीरपाल यादव, विधान परिषद सदस्य शतरुद्ध प्रकाश, सेक्युलर मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता सीपी राय आदि ने अपने विचार रखे।

संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजवादी नेता व लोहिया के शिष्य और मुलायम सिंह यादव के अनन्य सहयोगी पूर्व मंत्री भगवती सिंह ने किया। कार्यक्रम का संचालन मोर्चा के प्रवक्ता दीपक मिश्र ने किया।

इस अवसर पर मुलायम सिंह यादव व शिवपाल यादव ने दीपक मिश्र द्वारा संपादित व संकलित डॉ. राम मनोहर लोहिया के 51 भाषणों की सीडी को भी जारी किया। पूरा परिसर डॉ. लोहिया अमर रहें और मुलायम-शिवपाल जिंदाबाद के नारों से गूंजता रहा।

एक और घटनाक्रम में बरेली के कद्दावर नेता व राज्यसभा सदस्य रहे वीरपाल यादव ने समाजवादी पार्टी का दामन छोड़कर अपने हजारों समर्थकों के साथ सेक्युलर मोर्चा का दामन थामा।

शिवपाल यादव ने वीरपाल यादव को मोर्चा का झंडा देकर सेक्युलर मोर्चा से जोडा़।


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