ब्राज़ील में अच्छे दिन : फेक न्यूज़ का सहारा लेकर सत्ता में आए राष्ट्रपति अब मीडिया पर बोलेंगे हमला !

ब्राज़ील में फेक न्यूज़ का सहारा लेकर सत्ता में आए दक्षिणपंथी निर्वाचित राष्ट्रपति ने फेक न्यूज़ की आड़ में मीडिया पर हमला बोला है।...

ब्राज़ील में अच्छे दिन : फेक न्यूज़ का सहारा लेकर सत्ता में आए राष्ट्रपति अब मीडिया पर बोलेंगे हमला !

ब्राज़ील में फेक न्यूज़ का सहारा लेकर सत्ता में आए दक्षिणपंथी निर्वाचित राष्ट्रपति ने फेक न्यूज़ की आड़ में मीडिया पर हमला बोला है।

एक अभियान, जिसमें नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो ने खोजी ख़बरों को "फेक न्यूज" कहकर खारिज कर दिया और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेयर बोलसोनारो के समर्थक अब व्यक्तिगत रूप से खोजी पत्रकारों को व्यक्तिगत रूप से निशाना बना रहे हैं और न्यूज़रूम में धमकियां भेजी जा रही हैं।

जैयर बोलसनारो ब्राजील के फ्री प्रेस पर हमला बोलते हुए सार्वजनिक क्षेत्र के विज्ञापनों, जो लगभग आधा बिलियन डॉलर है, की धमकी दे रहे हैं।

बता दें ब्राजील के प्रमुख समाचार पत्रों में से एक फोला डी साओ पाउलो ने आरोप लगाया था कि मैसेजिंग सेवा व्हाट्सएप पर षड्यंत्र सिद्धांतों के साथ पहले से ही चुनाव के दौरान बाढ़ आ गई थी और राष्ट्रपति पद के लिए बीती 28 अक्टूबर के रनऑफ चुनाव से पहले वाट्सएप यूनिवर्सिटी के जरिए जबर्दस्त झूठ फैलाया जा रहा था। दक्षिणपंथी उम्मीदवार Jair Bolsonaro जैयर बोलसनारो की तरफ से हजारों लोगों को झूठ फैलाने के लिए अवैध रूप से इस्तेमाल किया गया।

व्हाट्सएप संदेश एन्क्रिप्ट किए जाते हैं और इसलिए निगरानी नहीं की जा सकती है।

आरोपों के बाद फेसबुक की स्वामित्व वाली कंपनी ने गलतफहमी के खिलाफ अपनी लड़ाई में ब्राजील में हजारों खातों पर प्रतिबंध लगा दिया था।

ब्राजील के चुनाव में लगभग 15 करोड़ मतदाताओं ने अपने वोट का प्रयोग किया। वामपंथी नेता और वर्कर्स पार्टी के उम्मीदवार फर्नांडो हद्दाद, दक्षिणपंथी बोल्सनारो से पराजित रहे।

21 मार्च 955 को जन्मे जैयर मेसीस बोल्सनारो सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी भी हैं जो ब्राजील के राष्ट्रपति चुने गए हैं। उन्होंने 1 991 से रियो डी जेनेरो राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए चैंबर ऑफ डेप्युटीज के सदस्य के रूप में कार्य किया है।

फोला डी साओ पाउलो (Folha de São Paulo, one of Brazil’s leading newspapers,) की एक रिपोर्ट को द गार्जियन ने उद्धृत करते हुए खबर प्रकाशित की थी कि दक्षिणपंथी उम्मीदवार Jair Bolsonaro जैयर बोलसनारो की तरफ से प्रतिद्वंद्वी वामपंथी श्रमिक पार्टी (पीटी) के उम्मीदवार फर्नांडो हद्दाद Fernando Haddad के खिलाफ ब्राजील के उद्यमियों के एक समूह मदद से जो व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं को हद्दाद के बारे में फेक न्यूज का हमला करने के लिए अभियान चलाया जा रहा था।

Jair Bolsonaro  के सत्ता में आने के बाद अब ब्राजील के पत्रकारों में भय व्याप्त है। चुनाव से पूर्व दक्षिणपंथियों की आलोचना करने वाले पत्रकारों ने उन्होंने बोल्सनारो सरकार के दमन की आशंका और उसके समर्थकों की हिंसा से डरते हुए अपनी आलोचना से पीछे हटना शुरू कर दिया है।

अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य में नए ब्राजील की क्या भूमिका होगी, इसे Jair M. Bolsonaro बोलसनारो के इस ट्वीट से समझा जा सकता है, जिसमें उन्होंने कहा -

जैसा कि पहले हमारे अभियान के दौरान कहा गया था, हम ब्राजील के दूतावास को तेल-अवीव से यरूशलेम में स्थानांतरित करना चाहते हैं। इज़राइल एक संप्रभु राज्य है और हम इसका सम्मान करेंगे।

ब्राजील में भी दक्षिणपंथी उम्मीदवार पूंजीपतियों की मदद से वाट्सएप यूनिवर्सिटी से कर रहा है दुष्प्रचार

ब्राजील आधिकारिक तौर पर "ब्राजील संघीय गणराज्य" Brazil, officially Federative Republic of Brazil, दक्षिण अमेरिका का देश है। ब्राजील में पूरे महाद्वीप का आधा भूभाग है। यह क्षेत्रफल में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश है। केवल रूस, कनाडा, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका क्षेत्रफल में ब्राज़ील से बड़े हैं।

यह विशाल दक्षिण अमेरिकी देश उत्तर में अमेज़ॅन बेसिन से लेकर दक्षिण में दाख की बारियां और विशाल इगुआकू फॉल्स Iguaçu Falls तक फैला हुआ है।

अपने निचले इलाके वाले अमेज़ॅन के लिए प्रसिद्ध ब्राजील मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय देश है; हालाँकि हाइलैंड्स अधिकांश राष्ट्रीय क्षेत्र को कवर करते हैं। ब्राजील की भौतिक विशेषताओं को पांच मुख्य भौगोलिक प्रभागों में समूहीकृत किया जा सकता है: उत्तर में गिआना हाइलैंड्स, अमेज़ॅन निचले इलाकों, मध्य-पश्चिम में पंतल, ब्राजील के हाइलैंड्स (व्यापक तटीय पर्वतमाला सहित), और तटीय निचले इलाकों में।

पुर्तगाली ब्राजीलियाई लोगों के विशाल बहुमत की पहली भाषा है।

ब्राजील के स्वदेशी लोग Brazil’s indigenous peoples दर्जनों अलग-अलग भाषाओं को बोलते हैं, और पुर्तगाली से ब्राजीलियाई भाषा का सबसे बड़ा विचलन भारतीयों के साथ प्रारंभिक संपर्क में पाया जा सकता है।

ब्राजील के यूरोपीय संपर्क में आने से पहले टुपीयन Tupian ब्राजील के मूल लोगों की प्रमुख भाषा थी, और यह भारतीयों और पुर्तगाली व्यापारियों, मिशनरी,और प्रशासकों के बीच लिंगुआ फ़्रैंक बन गई; 19वीं शताब्दी तक इसका व्यापक रूप से अमेज़ॅन क्षेत्र और पश्चिमी ब्राजील में उपयोग किया जाता था।

1498 में पुर्तगाली नेविगेटर वास्को दि गामा ने अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के माध्यम से इंडीज और स्पाइस द्वीप समूह के लिए एक अखिल जल मार्ग खोजा।

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