किसान नेताओं की गिरफ़्तारी की निंदा

हाइलाइट्स

रायपुर। छत्तीसगढ़ किसान सभा ने किसानों की जायज मांगों को लेकर विभिन्न किसान संगठनों द्वारा 21 सितम्बर को प्रस्तावित संयुक्त किसान आंदोलन को कुचलने के लिए प्रशासन द्वारा आंदोलन की अनुमति न देने और इसकी आड़ में किसान नेताओं को गिरफ्तार करने की तीखी निंदा की है.

आज यहाँ जारी एक बयान में छग किसान सभा के महासचिव ऋषि गुप्ता ने सरकार के इस कदम को सरासर अलोकतांत्रिक करार दिया है तथा कहा है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करना देश की आम जनता का अधिकार है और कोई भी सरकार इसे छीन नहीं सकती. उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को इस तरह कुचलने के प्रयासों से स्पष्ट है कि यह सरकार आम जनता से किस कदर कट चुकी है और चुनाव-प्रेरित उसकी लोकलुभावन घोषणाएं काम नहीं आ रही है.

किसान सभा नेता ने कहा कि सूखे के कारण फसल बरबादी के इस साल में किसानों को बचने के प्रति सरकार ईमानदार है, तो लाभकारी समर्थन मूल्य व बोनस देने के संबंध में सैयुक्त किसान आंदोलन की मांगों को स्वीकार करें, अन्यथा छत्तीसगढ़ में भी महाराष्ट्र व राजस्थान जैसे किसान आंदोलन को संगठित किया जाएगा.

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