सीबीआई की छापेमारी अभिव्यक्ति की आजादी छीनने का प्रयास : एनडीटीवी

एनडीटीवी ने बयान जारी कर कहा कि "देश के संस्थानों को नष्ट करने का प्रयास करने वालों के लिए नेटवर्क के पास एक संदेश है, हम अपने देश के लिए लड़ेंगे और इन बाधाओं को पार कर जाएंगे।"...

नई दिल्ली, 5 जून। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक के साथ कथित धोखाधड़ी के मामले में एनडीटीवी के संस्थापक प्रणय रॉय के आवास पर छापेमारी की, जिसके बाद एनडीटीवी ने बयान जारी कर इसे अभिव्यक्ति की आजादी छीनने वाला प्रयास बताया।

सीबीआई ने प्रणय रॉय, उनकी पत्नी राधिका रॉय, एक निजी कंपनी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया और रॉय के ग्रेटर कैलाश-1 स्थित आवास पर छापेमारी की।

एनडीटीवी ने बयान जारी कर कहा कि सीबीआई ने झूठे आरोपों के आधार पर एनडीटीवी और इसके प्रमोटरों का उत्पीड़न किया।

बयान के मुताबिक,

"देश के संस्थानों को नष्ट करने का प्रयास करने वालों के लिए नेटवर्क के पास एक संदेश है, हम अपने देश के लिए लड़ेंगे और इन बाधाओं को पार कर जाएंगे। "

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब कुछ दिन पहले ही एनडीटीवी की एंकर निधि राजदान के लाइव शो के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता संबित पात्रा से तीखी बहस हो गई थी, जिसके बाद निधि ने पात्रा को कार्यक्रम से निकल जाने को कहा था।

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