दिग्विजय सिंह ने दिया इशारा, मप्र में ज्योतिरादित्य सिंधिया होंगे कांग्रेस का सीएम फेस

बसपा के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन की हिमायत... सिंधिया से विवाद पर दी सफाई...

दिग्विजय सिंह ने दिया इशारा, मप्र में ज्योतिरादित्य सिंधिया होंगे कांग्रेस का सीएम फेस

नई दिल्ली, 12 जून। इस साल के अंत में मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस समेत तमाम दलों ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन सरगर्मियों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इशारों ही इशारों में संकेत दिया है कि पार्टी के सीएम फेस ज्योतिरादित्य सिंधिया होंगे। उन्होंने कहा है कि उनका ज्योतिरादित्य सिंधिया से न तो पहले कोई विवाद था और न अब है।

दिग्विजय सिंह ने निजी समाचार चैनल एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि,

 'कांग्रेस के लिए अच्छा अवसर है, बशर्ते हम लोग अपनी तैयारी पूरी तरह कर लें'।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने फर्जी मतदाता की शिकायतों पर करीब 10 लाख वोट कम किए हैं। भाजपा की संगठन शक्ति हमसे अच्छी है और वो बोगस वोट कराने में माहिर हैं। इसलिये हमने अभी से शुरुआत कर दी है।

सिंधिया से विवाद पर दी सफाई

दिग्विजय सिंह ने कहा कि मेरा ज्योतिरादित्य सिंधिया से न तो पहले कोई विवाद था और न अब है। हमारे तो बहुत पुराने रिश्ते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया बहुत काबिल व्यक्ति हैं। केंद्र में पहले अच्छा काम किया है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम का चेहरा बनाये जाने पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह निर्णय पार्टी और राहुल गांधी को लेना है। जहां तक मेरा सवाल है, मैं उस दौड़ में नहीं हूं।

बसपा के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन की हिमायत

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन करने से कांग्रेस को मदद मिलेगी। इससे राज्य के कुछ क्षेत्रों में दलित मतों को हासिल करने में मदद मिलेगी।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि,

'अगर मध्यप्रदेश में चुनाव के परिणामों के आधार पर गठबंधन को देखें.. मुरैना क्षेत्र से ग्वालियर क्षेत्र और सागर क्षेत्र से रीवा क्षेत्र तक, उत्तर प्रदेश की सीमा से लगा क्षेत्र है, जहां बसपा को 10-30,000 वोट मिलते हैं'।

उन्होंने कहा,

'अगर आप इन वोटों को देखें तो ये वोट मुख्य रूप से दलितों के हैं, जो 1952 से कांग्रेस को वोट देते आ रहे हैं। अगर हमारे पास बसपा के साथ चुनाव पूर्व रणनीतिक गठबंधन होगा, तो इससे निश्चय ही मदद मिलेगी'।

प्रणब मुखर्जी की करी तारीफ

प्रणब मुखर्जी के आरएसएस मुख्यालय में एक कार्यक्रम में शिरकत करने के बारे में दिग्विजय सिंह ने कहा कि,

'पूर्व राष्ट्रपति ने आरएसएस के उसके ही गढ़ में चुनौती देकर काफी हिम्मत का काम किया है और जो कुछ भी उन्होंने कहा वह आरएसएस के मूल आधार' पर हमला था'।

उन्होंने कहा कि पार्टी में लीडरशिप का प्रश्न है ही नहीं। एक बार भाजपा चुनाव हार जाए, उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

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