प्रगतिशील साहित्य को प्रोत्साहित कर रही है लोकसंघर्ष पत्रिका

प्रगतिशील साहित्य को प्रोत्साहित कर रही है लोकसंघर्ष पत्रिका...

प्रगतिशील साहित्य को प्रोत्साहित कर रही है लोकसंघर्ष पत्रिका

कोल्लम.  स्पोर्ट्स क्लब,  भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 23 वें महाधिवेशन के सांस्कृतिक पंडाल में लोक संघर्ष पत्रिका द्वारा प्रकाशित विशेषांक का विमोचन करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य साथी प्रकाश बाबू सम्बोधित करते हुए प्रकाश बाबू ने कहा कि लोक संघर्ष पत्रिका हिंदी में प्रगतिशील साहित्य को प्रोत्साहित कर रही है. किसानों मजदूरों के संघर्ष को आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है.

लोकसंघर्ष पत्रिका के प्रबंध संपादक रणधीर सिंह सुमन ने संबोधित करते हुए बताया कि केरल दुनिया में एक ऐसा राज्य है जहाँ पर 1957 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने चुनाव के माध्यम से सरकार बनाई थी. केरल की पवित्र धरती ने मजदूरों और किसानों को नई ऊंचाईयां दी हैं. देश के अन्दर केरल में कम्युनिस्टों ने एक अच्छी व्यवस्था देकर स्वास्थ्य, शिक्षा से लेकर हर क्षेत्र में अग्रणी कार्य किया है.

इस अवसर पर इंडियन एसोसिएशन ऑफ लायर्स के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अश्विनी बख्शी, हरियाणा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव दरियाव सिंह कश्यप, उत्तर प्रदेश भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सह सचिव इम्तियाज अहमद पूर्व विधायक, जीतेन्द्र हरि पाण्डेय, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय परिषद् सदस्य आशा मिश्रा, कांति शुक्ला,  डॉ बाल गोविंद वर्मा आदि प्रमुख लोग थे.

सांस्कृतिक पंडाल खचाखच भरा हुआ था. लोकसंघर्ष पत्रिका विशेषांक की प्रतियाँ पार्टी कांग्रेस में आये हुए सभी प्रतिनिधियों को नि:शुल्क भेँट की गयीं तथा जनता में भी नि:शुल्क वितरित की गईं.

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