पांच बुद्धिजीवियों की गिरफ्तारी दिखाती है देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा है : लालू प्रसाद यादव

कब किसकी गिरफ्तारी होगी, किस नेता के साथ कब क्या होगा, कोई नहीं जानता। उन्होंने 5 मानवाधिकार कार्यकर्ता की गिरफ्तारी पर कहा कि देश मेंआपातकाल लागू करने का रास्ता प्रशस्त हो रहा है।...

पांच बुद्दिजीवियों की गिरफ्तारी दिखाती है देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा है : लालू प्रसाद यादव

पटना, 29 अगस्त। देश में चर्चित चारा घोटाले के कई मामलों में सजायाफ्ता राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद आज बहुत दिनों के बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मीडिया के सामने आए।

रांची रवाना होने से पूर्व लालू ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की स्थिति 'रोम जल रहा है और नीरो वंशी बजा रहा' वाली हो गई है। उन्होंने कहा कि देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा है।

पटना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा लालू ने कि उन्हें अदालत पर और रांची उच्च न्यायालय पर पूरा भरोसा है। देर-सबेर उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।

हमारा शौक नहीं अस्पताल में आराम करना

श्री यादव ने कहा,

"न्यायालय के आदेश का पालन कर रहा हूं। न्यायालय ने आदेश दिया है कि बीमार पड़ेंगे तो विचार करेंगे। अभी वह हमें जहां रखेंगे वहीं रहेंगे। अस्पताल में आराम करना हमारा शौक नहीं है। हाल में मुंबई, दिल्ली एम्स सभी जगह इलाज चल रहा था, लेकिन मेरी तबियत पूरी तरह ठीक नहीं है।"

देश आपातकाल के रास्ते पर

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आज देश की स्थिति ऐसी हो गई है कि कब किसकी गिरफ्तारी होगी, किस नेता के साथ कब क्या होगा, कोई नहीं जानता। उन्होंने मंगलवार को हुए पांच मानवाधिकार कार्यकर्ता की गिरफ्तारी की चर्चा करते हुए कहा कि देश में आपातकाल लागू करने का रास्ता प्रशस्त हो रहा है।

बिहार में न कोई 'लॉ' है और न ही कोई 'ऑर्डर'

बिहार में कानून व्यवस्था पर निशाना साधते हुए श्री यादव ने कहा कि यहां न कोई 'लॉ' है और न ही कोई 'ऑर्डर' है। बिहार की सरकार बिल्कुल बेकार हो गई है।

उल्लेखनीय है कि चारा घोटाले के मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद इन दिनों बीमारी के इलाज के लिए औपबंधिक जमानत पर हैं। अदालत द्वारा औपबंधिक जमानत याचिका रद्द करने के बाद अदालत ने 30 अगस्त को रांची की अदालत में समर्पण करने का निर्देश दिया है।

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