मध्य प्रदेश : पर्यटन के अधिकारियों को जी.एस.टी. का प्रशिक्षण

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से नये संदर्भ में पर्यटन उद्योग एवं होटल्स के बिजनेस पर प्रभावी होने वाले कर के प्रावधान और दर से अवगत करवाने के लिये पर्यटन विभाग द्वारा प्रशिक्षण आयोजित...

देशबन्धु

भोपाल। देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से नये संदर्भ में पर्यटन उद्योग एवं होटल्स के बिजनेस पर प्रभावी होने वाले कर के प्रावधान और दर से अवगत करवाने के लिये मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा महत्वपूर्ण प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक प्रशिक्षण में अधिकारियों को बताया गया कि इसमें ‘वन नेशन, वन टैक्‍स, वन मार्केट’ की अवधारणा रहेगी।

पूरा कार्य ऑनलाइन होने से पारदर्शिता रहेगी और बिजनेस में भी आसानी होगी। बगैर टैक्स लिये कोई भी भुगतान प्राप्‍त नहीं किया जायेगा।

रेस्टोरेंट में प्रयुक्त आइटम्स पर भी जी.एस.टी. लगेगा।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक प्रशिक्षण में पर्यटन सचिव एवं प्रबंध संचालक हरि रंजन राव ने प्रशिक्षणार्थियों से अपेक्षा की कि वे प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता से लें जिससे कामकाज में यह प्रशिक्षण सहायक बन सके। श्री राव ने जी.एस.टी. संबंधी महत्‍वपूर्ण जानकारी दी।

कंपनी सेक्रेटरी संदेश यशलहा ने जी.एस.टी. पर अपने प्रेजेंटेशन में पर्यटन और होटल कारोबार से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत करवाया।

श्री यशलहा ने माल और सेवाओं की पूर्ति, राज्य और केन्‍द्र के बीच लगने वाले कर, कर की दर, पूर्ति का समय, स्‍थान, इनपुट क्रेडिट, बिल बनाने, रिटर्न फाईल करने से संबंधित जी.एस.टी. के महत्‍वपूर्ण प्रावधान का निगम के काम-काज पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी दी।

प्रशिक्षण में अकाउंट के नये संदर्भ में अद्यतन जरूरी जानकारी, टैक्सेशन, जी.एस.टी. इन्‍कम टैक्स, एम.आई.एस., माया और आर.एम.एस. सॉफ्टेयर, वित्तीय नियंत्रण आदि विषय के सत्र भी हुए।

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।