अर्धरात्रि संसद सत्र के सामने पैंथर्स पार्टी का प्रदर्शन

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कल आधी रात को भारतीय संसद के सामने जोरदार प्रदर्शन करते हुए पुलिस ने रोका और भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति श्री डोनाल्ड ट्रंप के बीच दो दिन पहले हुए वॉशिंगटन में प्रोटोकॉल को तत्काल खत्म करने की मांग की, जिसमें वैश्विक आतंकवादी घोषित किये गये सलाहुद्दीन के जन्मस्थान जम्मू-कश्मीर को ‘भारतीय शासित जम्मू-कश्मीर‘ बताया गया है।

पैंथर्स पार्टी ने भारतीय प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच हुए इस संयुक्त प्रोटोकॉल को जम्मू-कश्मीर सहित भारत की सार्वभौमिकता का पूर्ण समर्पण बताया। पैंथर्स पार्टी ने भारतीय प्रधानमंत्री के इस कृत्य को जम्मू-कश्मीर पर भारत की संप्रभुता के साथ विश्वासघात बताया। पैंथर्स पार्टी ने और राजनीतिक दलों और संसद सदस्यों सहित सिविल सोसाइटी से कहा कि वे भारत के प्रधानमंत्री मोदी से सवाल करें कि उन्होंने इस तरह का प्रोटोकॉल क्यों किया, जिससे भारत की अखंडता को खतरा है और जिसका जम्मू-कश्मीर अटूट अंग है। करने की मांग की कि कैसे और क्यों उन्होंने इस तरह के लोगों को स्वीकार किया। पैंथर्स पार्टी ने भारत के प्रधानमंत्री से कहा कि वे संसद के द्वारा लोगों को इससे परिचित कराएं कि उन्होंने इतनी भयंकर गलती क्यों की है।

जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ इस तरह के एक प्रोटोकॉल को खत्म करने और धारा 370 में संशोधन करके भारत संघ का अभिन्न अंग सुनिश्चित करने की मांग की, जिस तरह 26 अक्तूबर, 1947 विभिन्न राज्यों के अन्य 575 शासकों की तरह विलयपत्र पर महाराजा हरिसिंह ने हस्ताक्षर किए थे। 

एक विज्ञप्ति में कहा गयाहै कि जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्री राजीव जौली खोसला के नेतृत्व में सर्वश्री स्वर्णसिंह यादव, अफलतून, आशीष, एहसान, फारूख, प्रमोद, गुरमीतसिंह, महादेव प्रमुख थे।

प्रो.भीमसिंह ने संसद सदस्यों को एक संदेश में कहा कि वे इस प्रोटोकॉल की निंदा करें और जम्मू-कश्मीर राज्य का अन्य राज्यों की तरह भारत के साथ पूर्ण विलय सुनिश्चित करें।

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