गुजरात चुनाव : अगर-मगर कुछ हो जाता तो गुजरात से भाजपा का पत्ता साफ़ था

जिग्नेश मेवानी अपने चुनाव जीतने में सफल तो हो गए पर दलित वोट को कांग्रेस की तरफ मोड़ पाने में असफल रहे....

अनिल यादव
हाइलाइट्स

21 में 14 सीटें इस तरह की हैं जहाँ भाजपा तीन हज़ार से कम अंतर से कांग्रेस से जीती है और सात सीटों पर कांग्रेस भाजपा से जीती है. यानि कि अगर-मगर कुछ हो जाता तो गुजरात से भाजपा का पत्ता साफ़ था.

गुजरात चुनाव की समीक्षा –2

भाजपा की जीत नही, कांग्रेस के लिए राहत है

-अनिल कुमार यादव

(लेखक गिरि विकास संस्थान लखनऊ में कार्यरत है और चुनावी राजनीति के अध्येता हैं)

आरक्षित सीटें और दलित-

गुजरात चुनाव परिणाम के बाद अब धूल-धकड़ धीरे-धीरे बैठ रहा है. चुनाव आयोग की तरफ से चुनावी आंकडे भी जारी हो गए हैं. लेकिन इस आंकड़ों का ठंडे दिमाग से विश्लेषण होना बाकी है. गुजरात के चुनाव में हिंदी प्रदेशों और मीडिया में सबसे ज्यादा चर्चा जिग्नेश मेवानी को लेकर रही. लोग तरह- तरह के कयास लगाते रहे कि गुजरात में दलितों का रुझान क्या रहेगा. क्या जिग्नेश की कयादत में दलित भाजपा के विरोध में वोट करेगा ?

गुजरात में 13 विधान सभा सीट दलितों के लिए आरक्षित है. वैसे तो उत्तर प्रदेश में भी दलितों की पार्टी कही जाने वाली बसपा का प्रदर्शन भी आरक्षित सीटों पर बहुत अच्छा नही रहा है पर वोट प्रतिशत की बात की जाये तो बसपा मजबूत जरूर रही है. चुनावी अध्ययनों से पता चलता है कि आरक्षित सीटों पर गैर दलित मतदाता ही चुनावी हार- जीत को तय करते हैं. इसलिए बात अगर उत्तर प्रदेश की जाए तो आरक्षित सीटों पर सवर्ण, पिछडे और मुसलमानों का चुनावी व्यवहार बसपा के खिलाफ होता है. लेकिन दलित बसपा के पक्ष में लगभग एकजूट रहते हैं. यह चर्चा इस लिए जरुरी है कि गुजरात में दलित वोटिंग बिहैवियर हो समझा जा सके कि आखिर गुजरात में दलितों का रूख कैसा रहा है. यदि 1990 के चुनाव से देखा जाये तो भाजपा आरक्षित सीटों पर कांग्रेस से बीस रही है. नब्बे के चुनाव में जनता दल और भाजपा दोनों को 6-6 सीटें मिलीं. 1995 में भाजपा को 10 और कांग्रेस को महज तीन सीट मिली.

इस चुनाव में भाजपा को आठ सीट मिली हालाँकि दलितों के लिए आरक्षित सीटों पर भाजपा को ज्यादा नुकसान नही हुआ है. पर इससे ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह भी है कि इन सीटों पर ऊना आन्दोलन के नेता जिग्नेश मेवानी का प्रभाव भी नही दिखा. मात्र कड़ी और राजकोट ग्रामीण सीट पर भाजपा क्रमशः 7746 और 2179 वोट से चुनाव जीती.बाकी 6 सीटों पर भाजपा ने 14 हज़ार से लेकर 52 हज़ार वोटों से विजयी हुई. यहाँ अगर उत्तर प्रदेश के आरक्षित विधान सभाओं से तुलना की जाए तो जीत-हार का अंतर इतना बड़ा नही होता है.

                  आरक्षित सीटों पर पार्टीवार प्रदर्शन (1990-2017)

Year

BJP

INC

JD

Other

1990

6

1

6

0

1995

10

3

   

1998

8

5

   

2002

9

4

   

2007

11

2

   

2012

10

3

   

2017

8

4

 

1

यानि कि जिग्नेश मेवानी अपने चुनाव जीतने में सफल तो हो गए पर दलित वोट को कांग्रेस की तरफ मोड़ पाने में असफल रहे.

वोटों के मार्जिन के आंकड़े :अगर-मगर कुछ हो जाता तो गुजरात से भाजपा का पत्ता साफ़ था-

चुनाव हो जाने पर अगर- मगर पर बात खूब होती है. अगर इतना इस सीट पर इतना वोट और मिल गया होता तो? अमुक पार्टी जीत जाती मगर इतने वोट से हार गयी. यह तस्वीर बनाने के लिए पहले हम 2012 के चुनाव की बात करते हैं. हमने 2012 के चुनाव में उन सीटों को सूचीबद्ध किया जिन पर हार-जीत तीन हज़ार से कम वोटों पर हुई थी. इस तरह की 23 सीटों पर कांग्रेस 16 सीटों पर जीती थी. यानि की इन 16 सीटों पर कांग्रेस तीन हज़ार से कम वोट से चुनाव जीती थी.

   

         विधान सभा चुनाव -2012 के आंकड़े

CONSTITUENCY

WINNING PARTY

MARGIN

ANANDA

BJP

987

BAPUNAGAR

BJP

2603

CHHOTA UDAIPUR

INC

2305

DEHEGAM

INC

2297

DANSINC

INC

2422

DARIAPUR

INC

2621

DEDIAPADA

BJP

2555

DHARI

GPP

1557

DHORAJI

INC

2943

GODHARA

INC

2869

JAMNAGAR SOUTH

BJP

2862

KODI

INC

1217

KOLAI

INC

343

KONKREJ

INC

600

LATHI

INC

2764

LIMKHEDA

INC

1561

MORBI

BJP

2760

SONKHEDA

INC

1452

SAVARKUNDLA

BJP

2384

SOJITRA

INC

162

SOMNATH

INC

2096

TALALA

INC

1478

UMRETHA

INC

1394

इसी आधार पर हम 2017 के चुनावी परिणाम के आधार उन सीटों की लिस्ट बनाये तो हम पाते हैं कि इस चुनाव में इस तरह की सीटों की संख्या 21 है जिन पर हार- जीत का फैसला तीन हज़ार से कम वोटों पर हुआ है.

    विधान सभा चुनाव -2017 के आंकड़े

CONSTITUENCY

WINNING PARTY

MARGIN

BOTAD

BJP

906

DEODAR

INC

972

DHANERA

INC

2093

DHOLKA

BJP

327

FATEHPURA

BJP

2711

GODHARA

BJP

258

HIMMATNAGAR

BJP

1712

JAMJODHAPUR

INC

2518

KOPRADA

INC

170

KHANBHAT

BJP

2318

MANSA

INC

524

PORBANDAR

BJP

1855

PRANTIJI

BJP

2551

RAJKOT (R)

BJP

2179

SOJITRA

INC

2388

TALAJA

INC

1779

UMRETH

BJP

1883

VAGRA

BJP

2628

VIJAPUR

BJP

1164

VISNAGAR

BJP

2869

WANKENAR

INC

1361

यहाँ भाजपा को नुकसान हुआ है. तस्वीर बिलकुल पलट गयी है. 21 में 14 सीटें इस तरह की हैं जहाँ भाजपा तीन हज़ार से कम अंतर से कांग्रेस से जीती है और सात सीटों पर कांग्रेस भाजपा से जीती है. यानि कि अगर-मगर कुछ हो जाता तो गुजरात से भाजपा का पत्ता साफ़ था.

(जारी है ...... )

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