गुजराती एक्टिविस्ट्स ने कहा - सनातन संस्था की आतंकवादी गतिविधियों से ध्यान हटाने के लिए मानवधिकार कार्यकर्ताओं और लेखकों की गिरफ्तारी

आदिवासी, दलितों, अल्पसंख्यकों पर हो रहे राजकीय दमन के विरोध में लड़ने वाले साथियों पर षड्यंत्र पूर्वक दमनात्मक कार्यवाहियां बंद करे भाजपा सरकारें...

गुजराती एक्टिविस्ट्स ने कहा - सनातन संस्था की आतंकवादी गतिविधियों से ध्यान हटाने के लिए मानवधिकार कार्यकर्ताओं और लेखकों की गिरफ्तारी

सुधा भारद्वाज सहित अन्य मानवधिकार कार्यकर्ता, वकील और लेखकों की फर्जी मामलों में गिरफ़्तारी का गुजरात के सामाजिक कार्यकर्त्ता कड़े शब्दों में निंदा करते हैं

आदिवासी, दलितों, अल्पसंख्यकों पर हो रहे राजकीय दमन के विरोध में लड़ने वाले साथियों पर षड्यंत्र पूर्वक दमनात्मक कार्यवाहियां बंद करे भाजपा सरकारें

अहमदाबाद, 31 अगस्त। छत्तीसगढ़ की वरिष्ठ मानवाधिकार कार्यकर्त्ता, ट्रेड यूनियनिस्ट, एवं हाई कोर्ट की अधिवक्ता सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, फादर स्टेन स्वामी, अरुण परेरा, वेरनान गोंजाल्विस, दलित अधिकार कार्यकर्त्ता वरवरा राव सहित अन्य मानवाधिकार कार्यकर्ता लेखक और वकीलों के देश के कई हिस्सों में की गई छापेमारी, गिरफ़्तारी का गुजरात के सामाजिक कार्यकर्त्ताओं ने एक संयुक्त वक्तव्य में कड़े शब्दों में निंदा की है और उनकी शीघ्र रिहाई की मांग की हैl

 वक्तव्य में कहा है कि सुधा भारद्वाज छत्तीसगढ़ में पिछले 30 वर्षो से शहीद शंकर गुहा नियोगी के संगठन के साथ जुड़कर मजदूरों के हकों की लड़ाई लड़ रही हैंl जनपक्षीय अधिवक्ता के रूप में प्रदेश के वंचितों के अधिकारों के लिए बिलासपुर उच्च न्यायालय में सतत पैरवी कर रही हैं और प्रदेश में राजकीय दमन के खिलाफ मानवाधिकारों की रक्षा हेतु संघर्षरत हैंl वह एक मानवाधिकार अधिवक्ता होने के नाते छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में आदिवासियों की मुठभेड़ों में बंदी प्रत्यक्षीकरण के प्रकरणों में पेश हुई और निडरता के साथ मानवाधिकार रक्षकों की पैरवी करती रहीं। जब हाल ही में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने छत्तीसगढ़ के सुकमा के कोडासवाली गांव में एक जांच में उनका सहयोग मांगा था तब भी वह अपनी व्यवसायिक ईमानदारी और साहस के साथ पेश आईं। यदि यही उनका दोष है तो वे तमाम लोग भी उतने ही दोषी हैं जो अधिनायकवाद, फासीवाद और भूमंडलीकरण की ताकतों द्वारा पैदा खतरों और चुनौतियों का सामना रचनात्मक और आलोचनात्मक तौर-तरीकों से करते आ रहे हैं।

आज पूरे देश में भय और आतंक का माहोल पैदा किया जा रहा हैl दलित, आदिवासी, किसान मजदूर, अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले हो रहे हैं l फासीवादी ताकते सरकारी संरक्षण में हमले कर रही हैं - चाहे वह भीमा कोरेगांव हो या जशपुर के बछरांव गाँव जहां उन्मादी भीड़ द्वारा आदिवासियों के संवैधानिक हकों को दर्शाते शिलालेख को तोड़ा गयाl भाजपा सरकारें अपने चहेते कार्पोरेट की लूट को सुनिश्चित करने के लिए तमाम संवैधानिक व लोकतान्त्रिक अधिकारों को लगातार कुचल रही हैंl कार्पोरेट की इस लूट के खिलाफ, सरकारों की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ, फासीवादी ताकतों के खिलाफ लोकतान्त्रिक व नागरिक अधिकारों पर कार्य करने वाले, उन पर अपनी राय रखने वाले सामाजिक कार्यकर्त्ता, बुद्धिजीवी, वकील, पत्रकार. छात्र व नौजवानों को षड्यंत्रपूर्वक फर्जी मामलों में जेल भेजा जा रहा हैl पूर्व के दिनों में भीमा कोरेगांव के नाम पर महाराष्ट में हुई गिरफ्तारियां इसका उदाहरण हैंl

वक्तव्य में कहा गया है, हमारा स्पष्ट मानना है कि अभी हाल में सनातन संस्था का नाम आतंकी/भय फैलाने वाली गतिविधियों में बहुत तेज़ी से सामने आया है, उनकी संस्था के अख़बार में समय समय पर देश को अस्थिर करने के आह्वान सामने आये हैं, जिसके ऊपर अब गंभीर चर्चा शुरू हुई है, इसी से देश का ध्यान हटाने को लेकर कल की कार्यवाही की गयी है।

गुजरात के सामाजिक कार्यकर्त्ता पुनः इन गिरफ्तारियों की कड़े शब्दों में निंदा करता हैं और सभी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की रिहाई व् झूठे आरोप लगाकर थोपी गई धाराओं को वापस लेने की मांग करता है. गुजरात के सामाजिक कार्यकर्त्ता इसके खिलाफ जनता के बीच जाकर व्यापक जनआन्दोलन चलाया जायेगा l

इंसाफ गुजरात के कन्वीनर मुजाहिद नफीस ने बताया कि वक्तव्य पर हस्ताक्षर करने वालों में निम्न लोग शामिल हैं -

मीना जाधव, अहमदाबाद

धनजी परमार, CITU सेकेटरी वड़ोदरा

जयंती मान्कडीया, प्रमुख, गुजरात दलित संगठन

शौक़त इन्दोरी, एसोसिएसन फॉर प्रोटेक्सन फॉर सिविल राइट्स, वड़ोदरा    

रफ़ी मलेक, सामाजिक कार्यकर्त्ता, अहमदाबाद

नीता महादेव, गुजरात लोक समिति, अहमदाबाद .

मुदिता विद्रोही , गुजरात लोक समिति, अहमदाबाद

शहेनाज़ अंसारी, H.D.R.C.

जमीला खान, आदर्श महिला मंडल, अहमदाबाद

मासूम अली शेख, प्रमुख नेशनल पीस ग्रुप, अहमदाबाद

इकराम बेग मिर्ज़ा, सेक्रेटरी, एसोसिएसन फॉर प्रोटेक्सन फॉर सिविल राइट्स,गुजरात   

स्नेहल शाह, सामाजिक कार्यकर्त्ता

हूरा बेन, प्रमुख महिला मंडल, तलोद, साबरकांठा

अब्दुल वहाब अंसारी, सामाजिक कार्यकर्त्ता, महेसाणा

फरीद पूरलवाला, प्रांतिज, साबरकांठा

सुलेमान खानजी, प्रमुख समस्त मोडासा मुस्लिम घांची समाज, अरवल्ली  

जयंती पंचाल, जनरल सेक्रेटरी गुजरात मजदुर पंचायत

वकार काजी, अहमदाबाद

प्रज्ञा जोशी, PUCL, अहमदाबाद

प्रीति ओझा, सामाजिक कार्यकर्त्ता अहमदाबाद

स्वाति जोशी, सामाजिक कार्यकर्त्ता अहमदाबाद

नेहा शाह, सामजिक कार्यकर्त्ता अहमदाबाद        

निमी चौहान, सामजिक कार्यकर्त्ता अहमदाबाद

जाह्न्वी, सामाजिक कार्यकर्त्ता अहमदाबाद

पल्लवी राजपाल, सामाजिक कार्यकर्त्ता अहमदाबाद

अज़ीम गिराच, एडवोकेट, अहमदाबाद

शकील शेख, MCC, अहमदाबाद

सुशीला प्रजापति, एकल नारी शक्ति मंच

दानिस कुरैशी, डेमोक्रेटि मुस्लिम फोरम, अहमदाबाद

जाग्रति जोशी, एडवोकेट

रेनू खुम्भानी, अधिवक्ता

अरविन्द खुमान, सामजिक कार्यकर्त्ता, राजुला

धवल चोपड़ा, सामाजिक कार्यकर्त्ता, जाम खम्भालिया

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