संघियों ने फिर किया अपनी लंपट संस्कृति का प्रदर्शन, हिन्दू संत स्वामी अग्निवेश के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में भाजपा मुख्यालय में हाथापाई

संघियों ने फिर किया अपनी लंपट संस्कृति का प्रदर्शन, अटलजी को श्रद्धांजलि देने गए हिन्दू संत स्वामी अग्निवेश के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में भाजपा मुख्यालय में हाथापाई

पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे स्वामी अग्निवेश के साथ भाजपा मुख्यालय में हाथापाई, बोले- मुझे गद्दार कहा गया

नई दिल्ली, 17 अगस्त। हमेशा यह आरोप लगता रहा है कि संघियों का हिन्दू संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं है, उनकी असल संस्कृति लंपटता है। संघियों ने आज फिर अपनी लंपट संस्कृति का प्रदर्शन किया। अटलजी को श्रद्धांजलि देने गए हिन्दू संत स्वामी अग्निवेश के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में भाजपा मुख्यालय में हाथापाई की गई।

निजी समाचार चैनल एनटीडीवी की खबर के मुताबिक दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे स्वामी अग्निवेश के साथ हाथापाई की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि स्वामी अग्निवेश के साथ मुख्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने मारपीट की है। स्वामी अग्निवेश ने खुद एनटीडीवी से कहा कि मेरे साथ हाथापाई हुई है और मुझे अपमानित किया गया है। आगे स्वामी अग्निवेश ने एनटीडीवी कहा कि मुझे भाजपा मुख्यालय के बाहर गद्दार कहना शुरू किया, जब मैं अटल जी को श्रद्धांजलि देने जा रहा था।

खबर के मुताबिक स्वामी अग्निवेश ने एनडीटीवी से कहा कि मैं आज अटल जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने अपने आर्य समाज के साथी के संग गये थे। हम पैदल ही जा रहे थे और हम भाजपा मुख्यालय के नजदीक पहुंच गया था। वहां पहुंचने के बाद मैंने हर्षवर्धन जी से फोन पर बात की तो उन्होंने कहा कि आप आराम से भीतर आ जाइये। इससे पहले भी मेरी उनसे बात हो चुकी थी। तभी अचानक से मेरे खिलाफ नारेबाजी हुई और लोग गद्दार कहने लगे। मुझे बुरी तरह से मारा।

खबर के मुताबिक स्वामी अग्निवेश ने आगे कहा कि

''फिर मेरी पगड़ी उतार दी। मुझे उन लोगों ने मारा-पीटा। हम कुछ नहीं कर सकते थे। क्योंकि हम बस दो तीन लोग थे। हम सबको समझाने की कोशिश कर रहे थे कि आज के दिन प्लीज ऐसा मत कीजिए क्योंकि आज गलत संदेश जाएगा। मगर ये लोग नहीं माने। उसके बाद फिर मैं वहा से बचकर आगे बढ़ना चाहा. मुझे लोगों ने बुरी तरह से अपमानित किया।''

उन्होंने आगे कहा कि

'हम सुरक्षा का गेट पार कर दूसरी तरफ गये। वहां भी ये लोग आ गये और फिर हमला कर दिया। मैं हाथजोड़ कर कहने लगा कि भाई ये मत करो। मुझसे क्या परेशानी है। फिर हमें पुलिस की गाड़ी मिली जिसमें बैठकर मैं जंतर मंतर आया। उन लोगों ने पुलिस की गाड़ी पर भी हमला किया।'

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।