व्यस्त जीवन शैली युवाओं को बना रही दिल का मरीज

भारत में हर साल 3 मिलियन लोगों की मृत्यु सीवीडी कार्डिओ वैस्कुलर डिसीसेस से...

देशबन्धु
व्यस्त जीवन शैली युवाओं को बना रही दिल का मरीज

मुरादाबाद, 29 जुलाई। दिल्ली के पटपड़गंज स्थित मैक्स हॉस्पिटल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋत्विक राज भुयान ने कहा है कि देश में हार्टअटैक के रोगियों की संख्या में प्रतिदिन बढ़ोत्तरी हो रही है, चाहे वो शहर हो या गांव। आजकल युवा वर्ग में हृदय संबंधी रोग का खतरा बढ़ता ही जा रहा है और यह पुरुषों और महिलाओं दोनों के ही लिए जोखिम भरा विषय है।

भारत में हर साल 3 मिलियन लोगों की मृत्यु सीवीडी कार्डिओ वैस्कुलर डिसीसेस से

मुरादाबाद में शनिवार को आयोजित हृदय रोग जागरूकता कैम्प में डॉ. भुयान ने कहा कि दुनिया भर में सबसे ज्यादा मृत्यु हार्टअटैक या हार्टफेल होने की वजह से होती हैं। विश्व में लगभग 1.70 लाख लोगों की मृत्यु दिल की बीमारी से होती है। इसी तरह से भारत में 3 मिलियन लोगों की मृत्यु सीवीडी कार्डिओ वैस्कुलर डिसीसेस से होती हैं, जिसमें हार्टअटैक और हार्टस्ट्रोक भी शामिल होते हैं।

व्यस्त जीवनशैली बना रही बीमार

उन्होंने कहा कि कि अमूमन व्यस्त जीवनशैली के कारण युवा शारीरिक गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते, जिसके चलते कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे जैसे रोगों का खतरा दुगना हो जाता है और यह उच्च रक्त चाप लिपिड लेवल्स में असंतुलन और घबराहट जैसे जोखिमों को भी बढ़ा देता है, जो सीधे दिल की बीमारी से जुड़े हुए होते हैं।

इस दौरान हृदय रोग से पीड़ित कई लोग यहां मौजूद रहे, जिन्होंने खुद के जीवन शैली में परामर्श लेकर परिवर्तन किया और नए जीवन की शुरुआत की है।

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।