जहां भी जाएंगे सेल चेयरमैन, वहां प्रदर्शन करेंगे अवकाशप्राप्त कर्मी

एक्शन प्लान के तहत यह फैसला किया गया कि हर प्लांट या यूनिट में जहां भी सेल चेयरमैन जाते हैं वहाँ के अवकाशप्राप्त कर्मी उनके सामने धरना और प्रदर्शन तबतक करते रहेंगे जबतक समस्याओं का समाधान मिल बैठकर न ...

हर प्लांट या यूनिट में जहां भी स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया (सेल) चेयरमैन जाते हैं वहाँ के अवकाशप्राप्त कर्मी उनके सामने धरना और प्रदर्शन तबतक करते रहेंगे जब तक समस्याओं का समाधान मिल बैठकर न कर लें। यह निर्णय फेडेरेशन ऑफ़ रिटायर्ड सेल एम्प्लाइज (FORSE) की कोलकाता में बीती 12-13 फरवरी को संपन्न सर्वोच्च परिषद् की बैठक में लिया गया।

इस संबंध मे FORSE की विज्ञप्ति निम्नवत् है –

दिनांक 12-13 फरवरी को फ़ोर्स के सर्वोच्च परिषद् (अपैक्स कौसिल) की मीटिंग कोलकता में संपन्न हुयी।इसमें अगले सत्र 18 -20 के लिए निम्नलिखित पदाधिकारियों का चुनाव सर्व - सम्मति से किया गया।

अध्यक्ष :     डॉ वी एन शर्मा    ( रांची)

उपाध्यक्ष :     श्री एस के घोष    ( कोलकता )

             श्री जे एस नागभूषण  ( भद्रावती )

              श्री अभय कुमार दास  ( राउरकेला )

महामंत्री :     श्री राम आगर सिंह   ( बोकारो)

मंत्री   :     श्री ए राजरत्नम    ( सलेम )

              श्री टाटा राव      ( हैदरावाद )

              श्री जोर्ज उम्मेन    ( केरल )

              श्री बी टी श्रीनिवास गौड़ा ( बेंगलोर )

कोषाध्यक्ष  :   श्री देबाशीष चौधरी   ( कोलकता )

संयुक्त कोषाध्यक्ष : श्री अमर नाथ सहाय  (रामगढ़, एस आर यु )

आमंत्रित सदस्य : श्री ओ पी वाधवा (दिल्ली )

             श्री के एल शर्मा ( चंडीगढ़ )

इस दो दिवसीय मीटिंग में महासंघ से सम्बद्ध बोकारो , राउरकेला , भद्रावती, सलेम, दुर्गापुर , चेन्नई ,केरल मुंबई ,बेंगलुरु , कोलकता , सेल रिफ्रैक्टरी यूनिट, रामगढ़, राँची स्थित RDCIS, CET , MTI , एवं सेल सुरक्षा संगठन की सेल इकाइयां, दिल्ली,चंडीगढ़ एवं उत्तरी जोन के प्रतिनिधि संगठन के 40 कौंसिल और विशेष आमंत्रित प्रतिनिधि शामिल हुए।। उद्घाटन सत्र में कई गणमान्य रिटायर्ड लोगों की उपस्थिति ने इसकी सार्थकता को रेखांकित भी किया है।

बोकारो इस्पात के पूर्व सी ई ओ श्री अनुतोष मैत्रा , बोकारो के पूर्व महाप्रबंधक (कार्मिक) श्री शंकर चौधरी जी ने अपने विचार प्रकट कर आगे कि रणनीति बनाने में अहम् सुझाव दिए।

 

मीटिंग में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय हैं :

ई पी एस 95 के सन्दर्भ में यह निर्णय हुआ कि दिल्ली में 21 जनवरी को हुए संयुक्त कन्वेंशन में लिए गए निर्णय के आलोक में सभी स्थानों पर ई पी एस 95 के तहत पेंशन के हकदार साथी एक साथ आन्दोलन और कार्य करेंगे। यह दो फ्रंट पर होगा

लीगल : इसमें यह निर्णय हुआ है कि अभी तुरत किसी कोर्ट में रिट आवेदन नहीं किया जाएगा और केरल हाई कोर्ट के निर्णय तथा ५ मार्च को सुप्रीम कोर्ट में होने जा रही ट्रांसफर पिटीशन पर आने वाले निर्णय का इंतज़ार किया जायेगा। अगर जरुरत होगी तो दिल्ली की मीटिंग में शामिल ५६ संगठन एक साथ २ ग्रुप यानि सरकारी और प्राइवेट ग्रुपो में एक साथ पिटीशनर बनेगे जिससे कि मामले में खर्च भी कम होगा और सुनवाई जल्द हो सकेगी। यह निर्णय 21 जनवरी की दिल्ली मीटिंग में शामिल सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ट एडवोकेट के सुझाव पर आधारित है

नॉन लीगल:- इसके लिए पी एफ और पेंशन को संचालित करने वाली सर्बोच्च संस्था सी बी टी के सभी सदस्यों को पत्र और व्यक्तिगत संपर्क के द्वारा आगामी बैठक में माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने में मदद करने की अपील की जाएगी।

संसद सदस्यों को संपर्क करना और संसद की श्रम मामलों की स्थायी समिति द्वारा गठित ६ मेम्बर कमिटी से मिलने का भी निर्णय लिया गया है।

सेल पेंशन योजना को लागू करने का अभियान ट्रेड यूनियन और संसद सदस्यों से मिलकर शुरू किया जाएगा

डी पी ई के २००८,२००९,२०११ के दिशानिर्देश के अनुरूप सेल में भी रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए कम से कम ५००० हज़ार रूपये प्रति माह मेडिकल केयर और अनुग्रह राशि (Ex -gratia) के लिए लागु करने कि मांग शामिल है क्योंकि सेल के अलावे अन्य महारत्न कंपनी में ये कब का लागु हो चूका है।

सेल मेडिक्लेम नीति :-

इस पर निर्णय हुआ है कि रिटायर्ड कर्मचारियों का इलाज सेवारत कर्मचारियों के समान किया जाय और सभी अनुपलब्ध दवाएं सेवारत कर्मचारिओं के समान लोकल खरीद कर दी जाएँ। एन जे सी एस के १९७८ के समझौते के अनुसार सभी प्रकार के इलाज और दवाएं कंपनी द्वारा दी जाय। मेडिक्लेम में कंपनी के हॉस्पिटल में हो रहे इलाज का बिल काटना तुरंत बंद किया जाय। जबतक सेल ऐसा नहीं करता प्रीमियम की राशि को कम किया जाय और उसमें शामिल प्रॉफिट शेयरिंग के अनुचित प्रबधन को समाप्त किया जाय क्योंकि यही प्रबधन हर वर्ष हमारे प्रीमियम राशि को भरी भरकम बना रहा है और इलाज में वही पुरानी वाली सुबिधायें मिल रही हैं जो पिछले 20 वर्षों से मिल रही है। विशाखापत्तनम स्टील प्लांट की तरह यहाँ भी प्रीमियम 1100रूपये किया जाए और मिलने वाली सुविधाएं दी जाएँ यानि ओ पी डी में 20 हजार संयुक्त रूप से और भर्ती में 8 लाख रुपये संयुक्त रूप से मिले।

भद्रावती में २००४ से पहले रिटायर्ड लोगों को भी सेल मेडिक्लेम के दायरे में लाया जाय।।

FORSE को मान्यता एवं कार्यालय की व्यवस्था :

सेल FORSE को मान्यता दे और FORSE के लिए कलकत्ता में एवं इसकी सभी इकाइयों को उनके स्थान पर कार्यालय के लिए जगह की व्यवस्था करे।

रिटायर्ड कर्मचारिओं को भी अपने बेटे बेटियों की शादी और अन्य निहायत जरुरी कामों के लिए क्लब, क्वार्टर और वाटर टैंकर दिया जाय।

लाइसेंसिंग स्कीम ;

सभी प्लांट में यह स्कीम एक समान किया जाय और जमा राशि पर बैंक इंटरेस्ट के समान इंटरेस्ट दिया जाय। ११ माह वाली स्कीम को पहले की तरह ३३ माह किया जाय। रिन्यूअल राशि को बंद किया जाय। लीज को पुनः शुरू किया जाय। राउरकेला में आवंटित लाइसेंस वाले मकान का रिन्यूअल ऑटो रिन्यूअल शीघ्र किया जाय। लाइसेन्स के स्थान पर ऑक्शन पर मकान देने का प्रस्ताव बंद किया जाय।

एक्शन प्लान के तहत यह फैसला किया गया कि हर प्लांट या यूनिट में जहां भी सेल चेयरमैन जाते हैं वहाँ के अवकाशप्राप्त कर्मी उनके सामने धरना और प्रदर्शन तबतक करते रहेंगे जबतक समस्याओं का समाधान मिल बैठकर न कर लें। यह अहिंसात्मक शांतिपूर्ण आंदोलन के जरिये होगा।

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