गोरखपुर की घटना को लेकर हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के छात्रों की संवेदना

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (महाराष्ट्र) में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने गोरखपुर (ऊ.प्र.) में हुई सरकारी एवं प्रसाशनिक लापरवाही से नवजात बच्चों और वयस्कों की मृत्यु पर अपना दुख एवं संवेदना प्रकट करने के लिए एक कैंडल लाइट मार्च निकाला जो नजीर हाँट से होते हुए परिसर के गाँधी हिल्स तक था। इस विरोध मार्च का प्रतिनिधित्व आइसा के छात्रा नेता अरविन्द यादव कर रहे थे।

ज्ञातव्य हो कि बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण 30 नवजात बच्चों और 18 वयस्कों की मृत्यु हो गयी थी । 9 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं पूर्व सांसद योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल का दौरा भी किया था। ऑक्सीजन गैस की सप्लाई करने वाली पुष्पा हेल्थ केयर  एजेंसी ने पहले का बकाया 63 लाख भुगतान करने के लिए लीगल नोटिस भेज दिया था। फिर भी जिम्मेदार अधिकारीयों ने इस पर कोई संज्ञान नही लिया गया जिसके कारण यह घटना घटित हुई। एक दिन पहले ही स्थानीय समाचार संस्थान “गोरखपुर न्यूज लाइन” ने भी ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति बंद होने की बात कही थी, फिर भी प्रशासन के कान पर जूं नही रेंगा। देर रात को 2 बजे जब ऑक्सीजन खत्म हो जाने की नौबत आ गयी तो आनन फानन में कुछ ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था की गई जो 15 मिनट तक ही चल पाया। ऑक्सीजन खत्म होने के बाद नवजात और वयस्क मरीज तड़पने लगे और तीमारदार परेशान हो उठे। लेकिन कुछ ही देर में नवजातों और वयस्क मरीजों की सांस रुक गयी। शासन और प्रशासन की लापरवाही के कारण कई माँओं की गोद सूनी हो गयी ।गोरखपुर की घटना को लेकर हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के छात्रों की संवेदना

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