क्या पूरे हो गए मोदी-योगी सरकारों के दिन ? गठबंधन और कांग्रेस से घबराईं, योगी ने रोका टीपू का रास्ता

Is Modi afraid of SP-BSP coalition and Congress?...

अतिथि लेखक

एक दौर वो था कि समाजवाद की अखिलेश की सरकार संघ समर्थित साम्प्रदायिक संगठन, जिनका काम प्रदेश व देश का भाईचारा बिगाड़ने का होता था और सपा सरकार इनके आगे घुटने टेकती थी, आज उन्हीं साम्प्रदायिक संगठनों की सियासी विंग भारतीय जनता पार्टी की सरकार सपा के अखिलेश यादव उर्फ़ टीपू का रास्ता रोकती दिख रही है। मुज़फ्फरनगर सहित पश्चिम में फैले साम्प्रदायिक दंगे टीपू सरकार के साम्प्रदायिक संगठनों के आगे घुटने टेकने की ही वजह से आज मोदी की भाजपा केन्द्र सहित राज्यों की सरकारों में है। यही सच है लेकिन वक़्त का चक्रव्यूह देखिए किस तरह बदलता है। लोकसभा संग्राम 2019 को जीतने के लिए क्या-क्या करना पड़ रहा है। जिसे सत्ता सौंपने के लिए दंगे कराने में उसका सहयोग किया, उसी मोदी की भाजपा को सत्ता से बेदख़ल करने के लिए बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन करना पड़ा और कमाल देखिए जिससे कभी अंदरूनी सहयोग लिया था आज उसी का रास्ता रोकना पड़ रहा है।

तो क्या मोदी की भाजपा गठबंधन और कांग्रेस से डर रही है ?

Is Modi afraid of SP-BSP coalition and Congress?

कमाल है सियासी नेताओं का जब ममता बनर्जी यही काम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के साथ करती हैं, तो लोकतंत्र की हत्या होती है और जब वही काम खुद करते हैं तो कानून व्यवस्था को बनाए रखने का बहाना बनाते हैं। कौन सी बात सही है। अगर ममता ग़लत हैं तो योगी भी ग़लत हैं और योगी सही हैं तो ममता भी सही हैं।

प्रयागराज (इलाहाबाद) में सपा मुखिया अपने छात्रसंघ के नेताओं के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए जाना चाहते थे, लेकिन योगी सरकार को डर था कि कानून व्यवस्था के बिगड़ने का इस लिए उन्होंने अखिलेश को वहाँ जाने से रोका है। सपा का कहना है कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष का इतिहास रहा कि उनके जाने से कहीं कानून व्यवस्था ख़राब नहीं हुई जबकि इनके यानी भाजापाइयों के जाने से सैकड़ों जगह कानून व्यवस्था ख़राब हुई है, सब जानते हैं।

ऐसा भी कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के द्वारा रोके जाने का बदला सपा के टीपू से लिया जा रहा है।

सपा के अखिलेश यादव उर्फ़ टीपू को प्रयागराज में छात्रसंघ के एक कार्यक्रम में जाना था और उसके बाद कुंभ मेले में संतों से मिलने का प्रोग्राम था, इसी से भयभीत योगी सरकार ने रास्ता रोक दिया।

अखिलेश यादव आज जैसे ही सुबह एयरपोर्ट के लिए निकले तो अधिकारियों ने पुलिस को साथ लेकर अखिलेश का रास्ता रोक लिया। जैसे ही यह खबर सपाइयों को लगी तो सड़क से लेकर विधानसभा तक हंगामा होने लगा। अधिकारियों ने उनसे कहा कि प्रयागराज में कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है, इस लिए आपको वहाँ जाने की अनुमति नही है। इसी बीच एक अफसर ने अखिलेश का हाथ पकड़ने की कोशिश की तो अखिलेश ने उसको फटकार लगाते हुए कि हाथ नहीं पीछे हठो यही सब चलता रहा। सपाइयो ने विधानसभा व विधान परिषद में भारी हंगामा खड़ा कर दिया। सपा विधायक सदन छोड एयरपोर्ट पहुँच गए और नारेबाज़ी करने लगे। वहीं अखिलेश ने ट्वीट कर सरकार पर हमला करते हुए कहा कि प्रयागराज जाने से योगी सरकार डर गई है। इस सूचना से प्रयागराज और लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

अखिलेश ने ट्वीट करते हुए लिखा कि बिना किसी लिखित आदेश के मुझे एयरपोर्ट पर रोका गया। छात्रसंघ के कार्यक्रम में जाने से रोकने का एक मात्र मकसद युवाओं के बीच समाजवादी विचारों और आवाज को दबाना है।

उधर सरकार का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुरोध पर रोका गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी को अपनी अराजक गतिविधियों से बाज आना चाहिए। प्रयागराज में कुंभ चल रहा है और 10 दिन पहले खुद अखिलेश यादव कुंभ गए थे। वहां पर दर्शन करके और संगम में स्नान करके आए हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने प्रशासन से इस मामले में अनुरोध किया था कि अखिलेश यादव अगर इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में आते हैं तो तमाम छात्र संगठनों के बीच तनाव बढ़ेगा। वहां हिंसक झड़प हो सकती है और कानून व्यवस्था के लिए खतरा पैदा हो सकता है। व्यापक आगजनी और तोडफ़ोड़ भी हो सकती है। उन्हें विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुरोध पर रोका गया है।

इसके बाद भी वहाँ हिंसक झड़प हुई है सांसद धर्मेन्द्र यादव भी घायल हुए हैं।







उधर आईजी एलओ प्रवीण कुमार का बयान आया कि प्रयागराज यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रांगण में राजनैतिक लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्थानीय प्रशासन से सहयोग मांगा गया था। प्रयागराज के डीएम, एसएसपी ने लखनऊ के डीएम, एसएसपी को इस बाबत पत्र लिखा गया था। उसी पत्र के आधार पर कार्रवाई हुई। एक पीआईएल पर हाईकोर्ट ने भी पुलिस प्रशासन को ऐसे मामलों में मदद का आदेश दिया। कुछ लोगों ने शासकीय होर्डिंग्स, गमलों को तोड़ा। बालसन चौराहे पर बैठकर जाम लगाया गया। कुंभ के चलते बालसन चौराहे पर भीड़ रहती है। भीड़ में शामिल असामाजिक तत्वों ने पथराव किया। सीओ समेत 4 पुलिसकर्मी घायल। सांसद समेत कुछ लोगों को मामूली चोट।कानून व्यवस्था हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई होगी। पुलिस के पास काफी सीसीटीवी फुटेज हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुकदमे दर्ज होंगें। सुबह ही दल विशेष के अध्यक्ष के निजी सचिव को सूचित कर दिया गया था। यानी अखिलेश यादव को यह सूचित कर दिया था कि आप वहाँ नही जा सकते फिर भी उन्होंने प्रयास किया।

(लखनऊ से तौसीफ़ क़ुरैशी की टिप्पणी)

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