अच्छे दिनों के 3साल केजश्न के बीच फिर जंतर-मंतर आ रहे हैं तमिलनाडु के किसान

एक तरफ केन्द्र सरकार अपनी सरकार के तीन साल का जश्न मनाने की तैयारी कर रही है, उसी समय तमिलनाडु के किसान एक बार फिर से दिल्ली आ रहे हैं, वे 21 मई से एक बार फिर जंतर मंतर पर आंदोलन शुरू करेंगे। ...

भारत शर्मा

नई दिल्ली। एक तरफ केन्द्र सरकार अपनी सरकार के तीन साल का जश्न मनाने की तैयारी कर रही है, उसी समय तमिलनाडु के किसान एक बार फिर से दिल्ली आ रहे हैं, वे 21 मई सुबह 11 बजे से एक बार फिर जंतर मंतर पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू करेंगे।

पिछले माह हाथ में खोपड़ी लिए प्रदर्शन करने वाले इन किसानों ने देश भर के लोगों का ध्यान अपनी समस्या की तरफ आकर्षित किया था, नित नए तरीके अपनाने के कारण वे चर्चा में रहे। इसी दौरान इन किसानों ने प्रधानमंत्री आवास पर निर्वस्त्र होकर प्रदर्शन भी किया था। जब इन किसानों ने अपना मूत्र पिया, और अगले दिन अपना मल खाने की घोषणा की, तो पूरा देश सकते में रह गया। हालांकि उसी दिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने आकर इन किसानों से मुलाकात की और आंदोलन खत्म करने की अपील की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की मांग लेकर दिल्ली आए इन किसानों ने अपना आंदोलन इस शर्त पर एक माह के लिए स्थगित कर दिया, कि राज्य सरकार इनकी मांग पर गंभीरता से विचार कर कुछ हल निकालेगी।

बताया जाता है, कि सरकार ने जब इनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात करने का समय मांगा, समय देने के बाद भी मुख्यमंत्री ने उन किसान नेताओं से मुलाकात नहीं की।

दिल्ली आने से पहले इन किसान नेता अय्याकन्नू ने राजधानी में तमाम किसान संगठनों के नेताओं से बात की है, वे सभी 21 मई को जंतर-मंतर पर जमा होंगे, उसके बाद आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।

तमिलनाडु के इन किसानों की मांग है, कि वहां इतिहास का सबसे भयानक सूखा पड़ा है, इसलिए सरकार विशेष राहत पैकेज की घोषणा करे, और उनका कर्ज माफ करे।   

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