झारखंड : नक्सलियों के खिलाफ मोर्टार व यूबीजीएल का हो रहा है इंस्तेमाल

पहाड़ों पर बसे आदिवासी गांवों का जन—जीवन अस्त—व्यस्त...

पहाड़ों पर बसे आदिवासी गांवों का जन—जीवन अस्त—व्यस्त

विशद कुमार

रांची :

पिछले रविवार 15 अप्रील से पश्चिमी सिंहभूमि के कोईलकेरा एवं गुवा थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके का सांगाजाटा (कोल्हान जंगल) में पुलिस और भाकपा (माओवादी) के गुरिल्ले के बीच संघर्ष जारी है।

इस संघर्ष में सबसे अहम बात यह है कि नक्सलियों के खिलाफ बीएसएफ के सात जवानों को भी मोर्टार के साथ उतारा गया है। मोर्टार काफी उंचाई तक मार करने की क्षमता वाला हथियार है, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान के साथ हुए कारगिल युद्ध में हुआ था।

बताया जा रहा है कि इस विध्वंसक हथियार का इस्तेमाल होने से पहाड़ों पर बसे आदिवासी गांव भी इसके चपेटे में आएंगे और आदिवासी जन मानस का काफी नुकसान होगा। आस-पास के कई गांवों के आदिवासियों की जान-माल की क्षति होगी और साथ में पहाड़ और जंगल दोनों बर्बाद होंगे। बावजूद नक्सलियों के खिलाफ की जा रही कार्यवाई में मोर्टार व यूबीजीएल का इंस्तेमाल हो रहा है। मंगलवार को इन हथियारों के इस्तेमाल से हो रही आवाजों से पूरा इलाका थर्रा गया।

बताते चलें कि नक्सलियों के खिलाफ इस अभियान में जिला पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा और झारखंड जगुआर के जवानों सहित बीएसएफ के सात जवानों जिन्हें चांपर से कोईलकेरा लाया गया है को भी मोर्चे पर लगाया गया है। दूसरी तरफ तकनीकी मदद के लिए सेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है।

समझा जा रहा है कि भाकपा (माओवादी) के गुरिल्ले पहाड़ियों पर मोर्चा लिए हुए है।

इस बावत एसपी मयूर पटेल ने सोमवार को मीडिया को बताया था कि मोर्चे पर अभी भी जवान डटे हैं। नक्सली दस्ता को घेर कर रखा गया है। लेकिन सेना के जवान मोर्चे पर नहीं हैं। मोर्चे पर डटे जवान ही लड़ने में सक्षम हैं। तकनीकी सपोर्ट के लिए सेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है। जो पहले भी लिया जाता रहा है।

वहीं मंगलवार को वे मीडिया से बात करने में कतराते देखे गए हैं। जबकि अन्य अधिकारी कुछ भी बताने से गुरेज कर रहे हैं।

खबरों पर भरोसा करें तों मोर्टार व यूबीजीएल के इंस्तेमाल से पहाड़ों पर बसे आदिवासियों का जन जीवन अस्त—व्यस्त हो गया है। वे काफी डरे सहमे हुए हैं। अभी तक नुकसान की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

बता दें कि मोर्टार के इंस्तेमाल पर मानवाधिकार संगठन के लोग भी काफी चिंतित है।       

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