एलजीबीटी पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला : जस्टिस काटजू का तंज “तो चलो जश्न मनाएं। अच्छे दिन आ गए।”

पूरे दिन भारतीय टीवी चैनलों ने एलजीबीटी अधिकारों पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को दिखाया, लेकिन दिल्ली में किसानों की बड़ी रैली का कवरेज लगभग पूरी तरह गायब था।...

एलजीबीटी पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला : जस्टिस काटजू का तंज “तो चलो जश्न मनाएं। अच्छे दिन आ गए।”

नई दिल्ली, 07 सितंबर। सर्वोच्च् न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश व प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने एलजीबीटी पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर मीडिया रिपोर्टिंग पर सवाल उठाते हुए कटाक्ष किया है “तो चलो जश्न मनाएं। अच्छे दिन आ गए।”

जस्टिस काटजू ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर लिखा,

“अच्छे दिन आ गए

पूरे दिन भारतीय टीवी चैनलों ने एलजीबीटी अधिकारों पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को दिखाया, लेकिन दिल्ली में किसानों की बड़ी रैली का कवरेज लगभग पूरी तरह गायब था।

क्या यह मीडिया और हमारे 'बुद्धिजीवियों' के बीच आम तौर पर भावना और प्राथमिकताओं के चयन की बुद्धिमत्ता की कमी नहीं दिखाता है?

इस में कोई संदेह नहीं है कि एलजीबीटी के अधिकार महत्वपूर्ण हैं, लेकिन क्या यह भारत के   करोड़ों किसानों के गहरे संकट के मुकाबले ज्यादा महत्वपूर्ण है, जिसके कारण 300,000 से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं?

लेकिन नहीं, भारत में एकमात्र मुद्दा समलैंगिक अधिकार है। हमारे करोड़ों बेरोजगार युवाओं की दुर्दशा कोई मुद्दा नहीं है। भारत में भारी कुपोषण और लगभग खत्म हो चुकी स्वास्थ्य सुविधाएँ और अच्छी शिक्षा कोई मुद्दा नहीं हैं।

ईंधन (पेट्रोल डीज़ल)और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें कोई मुद्दा नहीं है। भारत में एकमात्र मुद्दा एलजीबीटी अधिकार है (या जान्हवी कपूर की पोशाक है?)।

तो चलो जश्न मनाएं। अच्छे दिन आ गए”

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