क्या डोकलाम विवाद पर राहुल के आरोप में दम है ? मोदी से पहले शी जिनपिंग की रवांडा यात्रा कर रही है कुछ चुगली !

अब राहुल गांधी के आरोप और शी जिनपिंग व मोदी की रवांडा यात्रा के बीच आप तार जोड़ते रहिए, लेकिन देश को ये तो मालूम पड़ना ही चाहिए कि प्रधानमंत्री के साथ रवांडा गए भारतीय व्यापारी कौन थे ?...

क्या डोकलाम विवाद पर राहुल के आरोप में दम है ? मोदी से पहले शी जिनपिंग की रवांडा यात्रा कर रही है कुछ चुगली !

अमलेन्दु उपाध्याय

नई दिल्ली, 25 जुलाई। क्या लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने डोकलाम विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जो हमला बोला था, उसमें सच्चाई है ? अब राहुल के आरोप पर जो सच्चाई है वह या तो नरेंद्र मोदी बता सकते हैं या चीन के राष्ट्रपति, लेकिन प्रधानमंत्री की हाल की रवांडा यात्रा राहुल गांधी के आरोपों पर कुछ चुगली कर रही है, क्योंकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की दो दिवसीय रवांडा की राजकीय यात्रा समाप्त होने के तुरंत बाद मोदी सोमवार की शाम को रवांडा की किगाली पहुंचे और उनके साथ भारतीय व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी था।

बता दें लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने डोकलाम विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि  प्रधानमंत्री जी चीन जाते हैं और बिना एजेंडा के चीन के राष्ट्रपति से कहते हैं कि हम यहां डोकलाम की बात नहीं उठायेंगे। ये बिना एजेंडा नहीं था चीन का एजेंडा था। प्रधानमंत्री जी ने गुजरात में नदी के किनारे चीन के राष्ट्रपति के साथ झूला झूला था। उसके बाद चीन का राष्ट्रपति चीन गया और हजार सैनिक डोकलाम में थे।

अब यह बात सामने आई है कि चीनी राष्ट्रपति झी जिनपिंग रवांडा की दो दिवसीय यात्रा पर रविवार को किगाली पहुंचे थे। 23 जुलाई, 2018 को किगाली में रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागाम और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं ने किगाली में व्यापार, बुनियादी ढांचे, निवेश, ई-कॉमर्स, मानव संसाधन, संस्कृति, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, विमानन, खनन, कानून प्रवर्तन, राजनयिक और सेवा पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा छूट के बीच लाखों डॉलर के 15 समझौते पर हस्ताक्षर किए।

चीनी राष्ट्रपति की यात्रा समाप्त होने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रवांडा पहुंचे। रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागामे और नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता की और कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जिनमें लाखों डॉलर के ऋण और अनुदान शामिल थे।

समझौते के मुताबिक भारत का एक्ज़िम बैंक रवांडा में औद्योगिक पार्क, सिंचाई योजनाओं और किगाली विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज़) के विस्तार के लिए 200 मिलियन डॉलर का ऋण देगा।

"मेक इन इंडिया" का मोदी का नारा भारत में तो कुछ असर नहीं दिखा पाया लेकिन वह रवांडा में "मेड इन रवांडा" को ताकत प्रदान कर आए। राष्ट्रपति कागाम ने कहा कि उन्होंने विशेष रूप से विनिर्माण में भारतीय निवेश का स्वागत किया जहां भारत के पास "महान अनुभव और ज्ञान" है जो उनकी सरकार को बढ़ावा देगा क्योंकि यह "मेड इन रवांडा" पहल को लागू करता है।  पॉल कागामे ने कहा “हमें प्रसन्नता है कि एक भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल प्रधान मंत्री मोदी के साथ है। हमारे संबंधित निजी क्षेत्र रवांडा और भारत के बीच सहयोग के लिए संभावनाओं पर चर्चा करेगा।”

दोनों राजनेताओं की यात्रा की ख़बरें अफ्रीका के समाचारपत्र द ईस्ट अफ्रीकन में प्रकाशित हुई हैं।

अब राहुल गांधी के आरोप और शी जिनपिंग व मोदी की रवांडा यात्रा के बीच आप तार जोड़ते रहिए, लेकिन देश को ये तो मालूम पड़ना ही चाहिए कि प्रधानमंत्री के साथ रवांडा गए भारतीय व्यापारी कौन थे ? क्या इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए भी राहुल गांधी के किसी भाषण का इन्तजार करना होगा ?

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