कश्मीर में अपनी बंदूक नीति पर झुकी सरकार, कांग्रेस ने साधा निशाना...

हाइलाइट्स

कांग्रेस का मोदी सरकार पर हल्लाबोल

कश्मीर में सरकार का बल प्रयोग हुआ विफल

कश्मीर में अपनी घोर विफलता के बाद एक बार फिर मजबूर होकर केंद्र सरकार ने बंदूक की बजाए बातचीत की पहल की है। इसके लिए सरकार ने पूर्व आईबी चीफ दिनेश्वर शर्मा को वार्ताकार नियुक्त किया है। लेकिन कांग्रेस को सरकार का ये यू-टर्न पसंद नहीं आया। कांग्रेस ने दिनेश्वर शर्मा की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर कहा कि केंद्र सरकार के फैसले से साबित हो गया है कि राज्य में उसका बल प्रयोग विफल हो गया है।

चिदंबरम ने कहा कि “कोई बात नहीं से सभी के साथ बातचीत” के तरीके पर आना उन लोगों की बड़ी जीत है जो मानते रहे हैं कि जम्मू कश्मीर समस्या का हल राजनीतिक समाधान से निकलेगा।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में अपनी विफलता के बाद बातचीत से हल निकालने का फैसला किया है... इसके लिए गुप्तचर ब्यूरो के पूर्व निदेशक दिनेश्वर शर्मा को अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है।

दिनेश्वर शर्मा ने कहा कि जो भी इस देश का नागरिक है जो भी स्टेकहोल्डर है, जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर उन सभी से बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह जल्दी ही जम्मू कश्मीर जाकर उन लोगों से बातचीत करेंगे>

गौरतलब है कि सरकार ने करीब 7 साल बाद बातचीत से बात बनाने की रणनीति अपनाई है। इससे पहले मोदी सरकार सिर्फ गोली का जवाब गोली से देने की बात कहती रही है। मोदी सरकार का हमेशा से कहना था कि... वो 2 मारे तो तुम 10 मारना... लेकिन सरकार की ये रणनीति तीन सालों में ही नाकाम साबित हो गई... जिसके बाद अब वाजपेयी की नीति अपनाई गई।

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