देर से ही सही लेकिन मोदी को हुआ अहसास, गोलियों से नहीं किया जा सकता कश्मीर समस्या का समाधान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देर से ही सही लेकिन यह अहसास हो गया है कि कश्मीर समस्या का समाधान गोलियों से नहीं किया जा सकता ...

देर से ही सही लेकिन मोदी को हुआ अहसास, गोलियों से नहीं किया जा सकता कश्मीर समस्या का समाधान

Kashmir problem can not be resolved with bullets: Modi

नई दिल्ली, 15 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देर से ही सही लेकिन यह अहसास हो गया है कि कश्मीर समस्या का समाधान गोलियों से नहीं किया जा सकता

जम्मू एवं कश्मीर पर पिछले साल कहे अपने शब्दों को दोहराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फिर कहा कि कश्मीर की समस्याओं को केवल वहां के लोगों को गले लगाकर ही हल किया जा सकता है गोलियों या दुर्व्यवहार से इसका समाधान नहीं हो सकता।

यहां लाल किले के प्राचीर से 72वें स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की शिक्षाओं का अनुसरण कर रही है।

मोदी ने कहा,

"अटलजी ने 'इंसानियत' (मानवता), 'कश्मीरियत' (उदार कश्मीरी संस्कृति) और 'जम्हूरियत' (लोकतंत्र) का आह्रान किया था। मैंने भी कहा है कि कश्मीर के मसले का समाधान कश्मीर के लोगों को गले लगाकर किया जा सकता है।"

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार देश के एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य जम्मू एवं कश्मीर में सभी वर्गों और क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर, जहां फिलहाल राज्यपाल शासन हैं, वहां बहुप्रतीक्षित पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने हालांकि यह नहीं बताया कि ये चुनाव कब होंगे।

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