तीसरे विश्व युद्ध की ओर दुनिया

उ. कोरिया और दुनिया की महाशक्ति के बीच महाजंग छिड़ती है तो दुनिया में विनाश तय है। दोनों देशों में जारी रार ने बातचीत की उन उम्मीदों को भी धुंधला कर दिया है, जिसमें ट्रंप ने किम से मिलने की इच्छा जताई...

देशबन्धु

अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ती तल्खियों ने तीसरे विश्व युद्ध की सुगबुगाहट को तेज कर दिया है। अगर जिद्दी उत्तरी कोरिया और दुनिया की महाशक्ति के बीच महाजंग छिड़ती है, तो दुनिया में विनाश होना तय है। दोनों देशों में जारी रार ने बातचीत की उन उम्मीदों को भी धुंधला कर दिया है, जिसमें ट्रंप ने किम से मिलने की इच्छा जताई थी। बातचीत तो दूर अब दोनों जंग-ए-ऐलान की तैयारी कर रहे है।

जी हां। अमेरिका के दो जंगी बेड़े USS रोनाल्ड रीगन और USS कार्ल विंसन कोरियाई प्रायद्वीप पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके बाद से युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।

उत्तर कोरिया की सीमा के नजदीक अमेरिका और दक्षिण कोरिया के लड़ाकू विमानों के उड़ान भरने के बाद से हालात और भी बदतर हो गए हैं। अमेरिका के इस कदम से चिंतित उत्तर कोरिया ने दावा किया कि है वह युद्ध की कगार पर खड़ा है।

उत्तर कोरियाई समाचार एजेंसी के मुताबिक किम जोंग उन ने चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया पिछले तीन हफ्ते में तीसरे मिसाइल का परीक्षण करने के बाद ज्यादा घातक हथियार विकसित करेगा। आपको बता दें कि अमेरिका की लाख कोशिश के बावजूद उत्तर कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को बंद नहीं कर रहा है। इससे तंग आकर अमेरिका ने हाल ही में अपने जंगी बेड़े USS रोनाल्ड रीगन और USS कार्ल विंसन को कोरियाई प्रायद्वीप में भेजा है। इससे पहले मंगलवार को अमेरिका ने लंबी दूरी की उन्नत इंटरसेप्टर मिसाइल सिस्टम का परीक्षण किया था, जो सफल रहा। अमेरिका के इंटरसेप्टर मिसाइल सिस्टम ने अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) को मार गिराया है। अमेरिका का यह परीक्षण उत्तर कोरिया की ओर से बढ़े खतरे के मद्दे नजर सामने आया था।

उत्तर कोरिया पहले ही कह चुका है कि अगर अमेरिका ने उसको उकसाने की कोशिश की, तो वह उस पर परमाणु हमला करेगा. वहीं, अमेरिका उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को हरहाल में रोकना चाहता है.

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।
क्या मौजूदा किसान आंदोलन राजनीति से प्रेरित है ?