किसान सभा का "किसानों के लोकतंत्र को बचाओ, संविधान बचाओ" दिवस 25 को

​​​​​​​प्रदेश में 18 स्थानों पर होंगे धरने-प्रदर्शन ...

प्रदेश में 18 स्थानों पर होंगे धरने-प्रदर्शन      

रायपुर। छत्तीसगढ़ किसान सभा जल, जंगल, जमीन और खनिज की कॉर्पोरेट लूट, पेसा, 5वीं अनुसूची के प्रावधानों व वनाधिकार कानून को लागू न किए जाने के खिलाफ 25 जनवरी को 'किसानों का लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ' दिवस मनाने का फैसला किया है. इस दिन प्रदेश के 18 चिन्हित जिला, तहसील और ग्राम पंचायत कार्यालयों पर तीन-तीन घंटे का धरना दिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जायेंगे.

आज यहां जारी एक बयान में किसान सभा के प्रदेश महासचिव ऋषि गुप्ता ने आरोप लगाया कि आदिवासी भूमि के अधिग्रहण को आसान बनाने के लिए भाजपा सरकार नियम-कायदों में तोड़-मरोड़ कर रही है और कार्पोरेटों को पुनर्वास व पुनर्व्यवस्थापन की जिम्मेदारी पूरा करने से बचा रही है. उन्होंने कहा कि इस देश के मेहनतकश आबादी के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलकर और आदिवासी-किसानों के संविधानप्रदत्त भूमि अधिकारों को हड़पकर आज गणतंत्र को पूंजीपतियों और कार्पोरेटों का बंधक बनाने की कोशिश हो रही है. मोदी-रमन सरकार की इन संविधानविरोधी कोशिशों का कड़ा जवाब इस देश के किसान देंगे.

उन्होंने बताया कि भूमि अधिकार सहित वनाधिकार, मनरेगा, विस्थापन, सूखा राहत, इंदिरा आवास और शौचालय निर्माण में भ्रष्टाचार, वन्य प्राणियों के जन-जीवन पर हमलों के खिलाफ सरकार की उदासीनता जैसे प्रदेशव्यापी मुद्दों पर भी स्थानीय स्तर पर 15 दिनों का अभियान चलाया गया है और पूरे प्रदेश के किसानों को कल लामबंद किया जाएगा.

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