दलित एक्टिविस्ट्स की गिरफ्तारी आरएसएस-बीजेपी की दलित विरोधी विचारधारा का परिणाम - येचुरी

भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा के सम्बन्ध में कल 5 दलित एक्टिविस्ट की गिफ्तारी की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कड़ी निन्दा करते हुए इसे आरएसएस-बीजेपी की दलित विरोधी विचारधारा का परिणाम बताया है।...

नई दिल्ली, 07 जून। भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा के सम्बन्ध में कल 5 दलित एक्टिविस्ट की गिफ्तारी की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कड़ी निन्दा करते हुए इसे आरएसएस-बीजेपी की दलित विरोधी विचारधारा का परिणाम बताया है।

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि जिन्होंने भीमा कोरगांव में दलितों पर हमले किए उनकी पहचान करने के बजाय बीजेपी सरकार ने दलितों और उनके समर्थकों, जो विरोध प्रदर्शन के दौरान पीड़ित थे, के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई के लिए राज्य मशीनरी को खुले हाथ छूट दे दी हैं। यही आरएसएस-बीजेपी की दलित विरोधी विचारधारा है जिसे ध्यान में रखते हुए राज्य मशीनरी को खुले हाथ छूट दी गई है।

बता दें भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा के सम्बन्ध में कल 5 दलित एक्टिविस्ट की गिफ्तारी की गई है, जिन पर आतंकवाद निरोधक कानून एवं माओवादी होने के संगीन आरोप लगाए गए हैं। गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं में दिल्ली से रोना विल्सन, मुम्बई से सुधीर धावले, वकील सुरेन्द्र गाडलिंग, महेश राउत और पुणे से प्रो.शोमा सेन हैं।

केरल निवासी रोना विल्सन ‘कमिटी फार रिलीज़ आफ पोलिटिकल प्रिज्नर्ज़’ से जुड़े हैं। सुधीर धावले मराठी मैगज़ीन ‘विद्रोही’ के संपादक हैं। राउत पर गढ़चिरौली के नक्सलियों से रिश्तों का आरोप लगाया गया है। शोमा सेन नागपुर विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर हैं।

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