कभी नहीं सोचा था कि एक दिन ऐसे कार्यक्रम में बोलना पड़ेगा, जहां अटल नहीं होंगे - लाल कृष्ण अडवाणी

भाजपा में मोदी युग आने के बाद संभवतः यह पहला अवसर है जब अडवाणी भी सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहे हैं।...

कभी नहीं सोचा था कि एक दिन ऐसे कार्यक्रम में बोलना पड़ेगा, जहां अटल नहीं होंगे - लाल कृष्ण अडवाणी

नई दिल्ली, 20 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण अडवाणी आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए काफी भावुक हो गए। अटलजी के साथ बिताए अपने 65 वर्षों के साथ को याद करते हुए अडवाणी ने वाजपेयी के निजी जीवन पर भी रोशनी डाली।

दिल्ली में आयोजित अटल बिहारी वाजपेयी की इस श्रद्धांजलि सभा में भाजपा, कांग्रेस और अन्य सभी प्रमुख दलों के नेता शामिल हुए।

इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देते हुए लंबे समय तक उनके सहयोगी रहे लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि अटल की श्रद्धांजलि सभा में उन्हें बोलना पड़ रहा है। आडवाणी ने कहा,

"मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि अटल से मेरी दोस्ती 65 साल तक चली। इस दौरान मैंने उन्हें बेहद करीब से देखा. साथ काम करते हुए हमने अपने अनुभव साझा किए। हमने साथ फिल्में देखी, किताबें साथ पढ़ीं।"

उन्होंने कहा,

"मैंने कई सार्वजनिक रैलियों को संबोधित किया है, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि एक दिन ऐसे कार्यक्रम में बोलना पड़ेगा, जहां अटल नहीं होंगे।"

श्री आडवाणी ने कहा,

"अटल की कई खूबियों में एक खूबी यह भी थी कि वह बहुत अच्छा खाना बनाते थे। जब कोई नहीं होता था तो वह सबके लिए खाना पकाते थे, फिर चाहे खिचड़ी ही क्यों न बना पाएं।"

उन्होंने कहा,

"मैं और अटल 65 साल तक दोस्त रहे। मैंने अटल से बहुत कुछ सीखा, उनसे मैंने बहुत कुछ पाया है। वह मेरी किताब के विमोचन में नहीं आ सके थे, इसका मुझे दुख हुआ था। लेकिन आज इस सभा में मैं बोल रहा हूं और वह मौजूद नहीं हैं इसका मुझे बहुत अधिक दुख है। मैं उनके एक-एक शब्द को ग्रहण करने की कोशिश करता था।"

आडवाणी ने कहा,

"जो कुछ हमने अटल से सीखा, जो कुछ उन्होंने हमें दिया। जो संस्कार हमने आरएसएस से पाए हैं, उनको हमने कार्यान्वित किया, हमें इसका हमेशा संतोष रहेगा।"

इस भाषण के बाद LK Advani ट्विटर पर ट्रेंड होने लगा। भाजपा में मोदी युग आने के बाद संभवतः यह पहला अवसर है जब अडवाणी भी सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहे हैं।





हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।